सीएम योगी छह मेयरों से मिले, आत्मनिर्भर बनने का दिया निर्देश

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश नगरीय निकाय चुनावों में नवनिर्वाचित नगर निगम मेयरों से अपने सरकारी आवास पर मुलाकात की। उन्होंने सभी मेयरों को बधाई देने के साथ ही पीएम मोदी के विजन ‘आत्मनिर्भर भारत’ की तर्ज पर अपने-अपने नगर निगमों को भी आत्मनिर्भर बनाने का निर्देश दिया। साथ ही सीएम योगी ने नगर निगमों की आय बढ़ाने से लेकर क्षेत्रीय समस्याओं के निस्तारण के साथ ही जनप्रतिनिधियों के समर्थन के साथ सभी मेयरों को नगर निगमों की एक सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।
कुछ नया करने का सुझाव :
19 मई को मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले मेयरों में मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल, वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी, कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे, बरेली के मेयर उमेश गौतम, फिरोजाबाद की मेयर कामिनी राठौर और सहारनपुर के मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह शामिल रहे। सीएम योगी ने ‘कुछ अच्छा’ और ‘कुछ नया’ करने का सुझाव दिया। उन्होंने मेयरों को अंडरग्राउंड केबलिंग के कार्य को प्राथमिकता पर रखने के साथ ही कूड़ा प्रबंधन में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट को भी तरजीह देने को कहा। इसके अलावा नगरीय इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्याओं के निराकरण को भी प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए।
विभिन्न माध्यमों से बढ़ाएं नगर निगम की आय :
मुख्यमंत्री ने नगर निगम के टैक्सेशन में सुधार समेत आय के अन्य साधनों पर जोर देने के निर्देश देते हुए कहा कि टैक्सेशन के लिए आम नागरिकों को सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि वो सरलता से अपने टैक्स जमा कर सकें। कहीं ऐसी कोई समस्या न आने पाए कि डिफॉल्ट की स्थिति उत्पन्न हो। लोगों को टैक्स जमा करने के प्रति जागरूक किया जाए। ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान की जाएं।
कॉमन समस्याओं के निदान पर भी जोर :
इसके अलावा सीएम ने ऐसी समस्याओं के निदान पर भी जोर दिया, जो सभी नगर निगमों में कॉमन हैं। इनमें सड़क पर जलभराव की स्थिति को सुधारने, नाला सफाई और स्वच्छता समेत अन्य अहम समस्याएं शामिल रहीं। अवैध टैक्सी स्टैंड को लेकर भी सीएम ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अवैध टैक्सी स्टैंड को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्यवाही की जाएं। इन अवैध टैक्सी स्टैंड के अल्टरनेटिव पर भी काम किया जाए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। सभी बड़े चौराहों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए थे, जहां अभी ये कार्य न हुआ हो वहां प्राथमिकता के आधार पर इसके क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।

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