राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुरादनगर (गाजियाबाद)। गुरु पूजा पर्व पर मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में श्री हंस इण्टर कॉलेज प्रांगण में सतसंग प्रेमियों को संबोधित करते हुए सुविख्यात समाजसेवी सतपाल जी महाराज ने कहा कि सद्गुरु ज्ञान देकर भक्त का कल्याण करते हैं। हमारे देश में अनेक कथाएं हैं। राजा नृप की कथा आती है कि उन्होंने बूढ़ी गाएं दान कर दी तो उनको कुछ समय का नर्क भोगना पड़ा। एक पतंगा खाया और पाप बढ़ता गया, दूसरा पतंगा खाया और पाप बढ़ा। इस प्रकार पुण्य खत्म हो गए पाप बढ़ गया, जिस कारण उन्हें मुक्ति नहीं मिल सकी। मुक्ति के लिए पाप की संगत से बचकर सत्संग, ध्यान जैसे सत्कर्म करने होंगे। मुक्ति पाने के लिए सद्गुरु से अध्यात्मज्ञान लेकर आत्मा का ध्यान करना पड़ेगा।
श्री महाराज ने कहा कि आज मानव ही मानव को मार रहा है। रूस और यूक्रेन में कितना युद्ध हो रहा है।अन्य देशों की हालत को देखें तो आदमी का मन कितना अशांत है, अतः मन की शांति के लिए हमें अध्यात्म को अपनाना पड़ेगा तब ही विश्व में शांति स्थापित होगी।इसलिए अध्यात्म के लिए गुरू की जरूरत होती है।
2 से 16 जुलाई तक चलने वाले पौधरोपण अभियान के तहत श्री महाराज की उपस्थिति में सुयश रावत व श्रीमती मोहिना सिंह ने पौधरोपण किया। समारोह में “महापुरुषों की अद्भुत लीला” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। समारोह को विभु जी महाराज और माता श्री अमृता ने भी संबोधित किया। सत्संग से पूर्व श्री महाराज जी,माता श्री अमृता जी व अन्य विभूतियों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया।मंच संचालन महात्मा हरिसंतोषानंद जी ने किया।


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