राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। नगर में बच्चों और बुजुर्गों को कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुत्तों के हमले से कई परिवार दहशत में हैं। इसके मद्देनजर पालतू एवं निराश्रित कुत्तों द्वारा बच्चों पर हमला करने की घटनाओं को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता विष्णु कुमार गुप्ता एडवोकेट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से तत्काल एक प्रभावी नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में आयोग के चेयरमैन को एक याचिका दी है, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए डीएम और नगर आयुक्त को आदेशित करने की मांग की गई है।
एडवोकेट गुप्ता ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि पिछले वर्ष 15 सितंबर को भी उन्होंने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को लिखा था। कुत्तों के काटने से बाल जीवन छिन जाने एवं बच्चों के परिजनों में दहशत भरा माहौल होने को लेकर सुझाव देते हुए प्रभावी नीति बनाने की प्रार्थना की थी। इस याचिका पर आयोग ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व नगर आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए चार बिंदुओं पर रिपोर्टर तलब की थी।
आयोग ने अभिभावकों द्वारा थाने पर दर्ज कराए गए मामलों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, पीड़ित बच्चों के इलाज की व्यवस्था व आवश्यक वित्तीय सहायता के संबंध में की गई कार्रवाई, प्रकरण में संबंधित सुझावों को पारित करते हुए उनकी रिपोर्ट एवं अब तक की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 20 दिन में उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन गुप्ता कहते हैं कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है और न ही जिला प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर दिख रहा है। जबकि कुत्तों के द्वारा बच्चों को काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने मानव जीवन सुरक्षित रखने के लिए आयोग को कई सुझाव भी दिए हैं।


Leave a Reply