श्रीरामोत्सवम में सात राज्यों के कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
अयोध्या। भारतीय संस्कृति और कला के उत्थान के उद्देश्य से अयोध्या में तीन दिवसीय “श्रीरामोत्सवम- अंतरराष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक महोत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, असम, महाराष्ट्र और राजस्थान आदि के कलाकारों ने हिस्सा लिया।
श्रीनृत्याञ्जलि-भारतीय कला संस्कृति और विरासत केंद्र एवं गिविंग हैंड्स वेलफेयर फाउंडेशन के सहयोग से केएस साकेत पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय संस्कृति की अनुपम झलक पेश की और गायन, वादन, चित्रकला, योग, नृत्य और पाठ जैसी विभिन्न विधाओं के प्रदर्शन से वहां मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया।
महोत्सव में अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, केएस साकेत कॉलेज के प्रबंध समिति अध्यक्ष दीप कृष्ण वर्मा, प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी और अवध इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य विष्णु कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में जाने-माने रामलीला निर्देशक और अंतरराष्ट्रीय कलाकार पंकज दर्पण अग्रवाल व प्रदेश अध्यक्ष उत्तम बंसल शामिल थे।
कार्यक्रम में भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले देश-विदेश के ख्याति प्राप्त गुरुओं को “गुरु सम्मान” से सम्मानित किया गया। इनमें दिल्ली की डांसशाला एकेडमी से प्रियंका शर्मा, विक्की कुमार समेत डॉ. रागिनी ईश्वर, श्रीमती पलक पटवर्धन, श्रीमती मोनिका श्रीवास्तव, मोनिका सिंह, डॉ.वट्टिकोटा यदाहिचया, दुस्सा विद्यापितशोत्तम, विनीता श्रीवास्तव, बी उमा माहेश्वरी, युवराज बाघ, गीतांजलि दास, अपूर्वा, स्वाति बनर्जी, पूनम राठौड़, याग्निक चौहान, निखिल, विक्रांत, मनीषा वडेरा, सोनाली गोहेन, पुरंदर गोहेन, अंकिता गिनारा, निधि श्रीवास्तव, जयंत पिल्लई, मिरुत्मजय बासजी और बिजय सामल को सम्मानित किया गया।
27 से 29 दिसंबर 2024 को आयाजित कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में अवधेश कुमार अग्रहरि और विक्रम आनंद को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सहभागी कलाकारों के लिए न्यायिक समिति में मृत्मजय बासा, बिजय सामल, गीतांजलि दास,अपूर्वा काकड़े, अंकिता गिनारा और जुगराज बाग शामिल रहे। सभी प्रतिभागी कलाकारों और प्रशिक्षकों को ट्रॉफी, मोमेंटो, सर्टिफिकेट और पटका देकर प्रोत्साहित किया गया।
आयोजन की संचालक डॉ. सुमिता दत्ता रॉय ने बताया कि हमारा उद्देश्य भारतीय संस्कृति और कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। आयोजक संदीप रॉय ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति के कलात्मक सौंदर्य से परिचित कराने के लिए आवश्यक हैं। कार्यक्रम की एंकरिंग सुमिता दत्ता रॉय और डीके तिवारी ने की। आयोजकों ने सभी कलाकारों, अतिथियों और सहयोगियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया।

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