नई दिल्ली
बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनसे टीचरों के लिए जारी किए गए सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है। पत्र में उन्होंने उस सर्कुलर को वापस लेने का अनुरोध किया जिसमें दिल्ली के सीएम के रूप में उनके शपथ समारोह में सरकारी स्कूलों के टीचरों के लिए उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।
दिल्ली की पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे गुप्ता ने शुक्रवार को जारी किए गए इस सर्कुलर को ‘तानाशाही’ करार दिया है और कहा कि इससे उनका यह विश्वास ‘चकनाचूर’ हो गया है कि सत्ता में आने के बाद केजरीवाल का जोर शासन और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत बनाने पर होगा।
गुप्ता ने कहा, ‘इस आदेश की वजह से 15,000 टीचरों और अधिकारियों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना होगा।’ रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से फिर निर्वाचित हुए गुप्ता ने कहा कि वह रविवार को रामलीला मैदान में केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
गुप्ता की आपत्ति पर दिल्ली डायलॉग ऐंड डिवेलपमेंट कमिशन के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि शिक्षक और प्राचार्य पिछले 5 सालों में दिल्ली के बदलाव के ‘शिल्पी’ हैं और वे शपथ ग्रहण समारोह में ‘आमंत्रित किए जाने के हकदार’ हैं।
जस्मीन शाह ने ट्वीट किया, ‘बीजेपी ने अपने विकास मॉडल में शिक्षकों को केंद्र में रखकर अंतिम बार कब सोचा था? न पहले कभी सोचा था, न आगे कभी सोचेंगे।’ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में 62 सीटें जीतकर सत्ता में जबरदस्त वापसी की है। केजरीवाल और उनके मंत्री रविवार को एक भव्य समारोह में शपथ लेंगे।


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