बरेली में चकबंदी लेखपाल रिश्वत लेकर कर रहा मनमानी, किसान परेशान

कुनाल आर्य/राष्ट्रीय जनमोर्चा
बरेली। राजपुर कला स्थित ब्लॉक मझगावा के बसंतपुर के ग्रामीणों ने चकबंदी लेखपाल पर रिश्वत लेकर चक काटने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी बरेली को प्रार्थना पत्र देकर यह भी चेतावनी दी है कि अगर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे सभी भूख हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे।
बसंतपुर के बलराम खेतल और शांति देवी का आरोप है कि खसरा संख्या 130 में उन्होंने आम और लिफ्टिंस के पेड़ लगा रखे हैं। लेकिन चकबंदी लेखपाल दुर्गेश पाल ने हरभजन देवीदास से रिश्वत लेकर यहां उनका चक बना रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी बरेली से भी शिकायत की है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि चकबंदी लेखपाल गांव की सीमा नहीं दर्शा रहा है और चकरोड की जगह कम छोड़ी जा रही है। इससे किसानों को आने-जाने में दिक्कत पेश आएगी।
विधवा सावित्री देवी के अनुसार लेखपाल ने उनका चक बांध के किनारे गड्ढे में कर दिया है। यह स्थान एकदम से खेत लायक नहीं है। गांव के छोटे लाल ने बताया कि उनसे भी लेखपाल ने रिश्वत ली है। इसके बावजूद उनका एक चक दो भागों में बांट दिया। इसी गांव की नत्थो का कहना है कि उनकी 8 बीघे जमीन चार जगह बांट दी गई। इसी तरह अनीता पत्नी ईश्वर प्रसाद ने बताया कि रिश्वत न देने पर उनकी ढाई बीघा जमीन दो जगह कर दी गई। जबकि चकबंदी इसलिए होती है कि किसानों को उनके चक सहूलियत के हिसाब से काटे जाएं पर यहां उल्टा हो रहा है। चकबंदी लेखपाल रिश्वत लेकर मनमानी कर रहा है। दूसरी तरफ चकबंदी लेखपाल दुर्गेश पाल से इस संवाददाता ने जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के आरोप निराधार हैं। जो जहां है वही मूल नंबर पर उसका चक है।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*