राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। मानवाधिकार कार्यकर्ता विष्णु कुमार गुप्ता एडवाेकेट ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर राज्य के सभी पुलिस अस्पतालों को आइसोलेशन सेंटर बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के कोरोना संक्रमित होने से हालात और चिंताजनक होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उनकी मांग मान लेते हैं तो ये सभी अस्पताल करीब-करीब सभी जनपदों की पुलिस लाइन में स्थित हैं और इन पुलिसकर्मियों की इससे सहायता हो जाएगी।
एडवोकेट गुप्ता ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को भी सीएम को भेजे पत्र की एक प्रति उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा अपने स्वास्थ व परिवार की चिंता न करते हुए दिन-रात ड्यूटी दी जा रही है और वे जनता की हरसंभव मदद कर रहे है। ये पुलिसकर्मी बीमार व्यक्तियों को दवा उपलब्ध कराने, अस्पताल पहुंचाने व कोरोना संक्रमित लोगों के शवों का अंतिम संस्कार कराने तक का कार्य कर रहे हैं। इससे उनके संक्रमित होने का भी खतरा बना रहता है। साथ ही उनके घर पहुंचने पर उनके साथ रह रहे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, छोटे-छोटे बच्चे और भाई-बहन भी संक्रमित हो रहे हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ता विष्णु कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में अस्पतालों में बेड, दवा और ऑक्सीजन की कमी होने के कारण पुलिसकर्मियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर पुलिस महानिदेशक उप्र को आदेशित करने की प्रार्थना की है। गुप्ता का कहना है कि डीजी उप्र तीन दिन के अंदर राज्य के सभी जिलों में पुलिस लाइन स्थित पुलिस अस्पतालों एवं पीएसी बटालियनों में स्थित अस्पतालों में कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारजनों के लिए अविलंब प्रर्याप्त मात्रा में बेड, दवा और ऑक्सीजन की व्यवस्था उपलब्ध करा सकते हैं और यह कार्य जनपदीय प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पीएसी बटालियन नायकों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जा सकता है।


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