जितेन्द्र बच्चन / राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। पार्षद और मेयर का चुनाव एकदम सिर पर है। यहां 11 मई को मतदान होगा और 13 मई को नतीजे आ जाएंगे। हर शख्स जोर आजमाइश कर रहा है और करीब-करीब सभी प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं कि उनकी जीत सुनिश्चित है। लेकिन बीजेपी दावेदार की जीत पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी पर ही निर्भर करती है। क्योंकि आज मोदी-योगी एक बड़ा नाम है, उनका काम बोलता है और इसी के सहारे पार्टी का जो भी प्रत्याशी खड़ा होता है, उसकी नैया पार हो जाती है। हम बात कर रहे हैं शिप्रा सन सिटी (इंदिरापुरम) वार्ड संख्या 100 की। यहां एक बात इन दिनों खास चर्चा में है कि बीजेपी इस बार किसी नए चेहरे को टिकट देगी या फिर जो पिछले पार्षद हैं, उन्हीं पर दांव खेलेगी।
‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ ने वार्ड 100 के कुछ निवासियों से बात की तो उन्होंने सुधीर श्रीवास्तव का नाम लिया। इन सभी का कहना है कि सुधीर जी कर्मठ, ईमानदार, मिलनसार और व्यवहार कुशल व्यक्ति हैं। भाईचारा और सद्भावना बनाए रखने में उनका कोई शानी नहीं। एक अच्छे समाजसेवी का उनके जैसा और कोई उदाहरण नहीं प्रस्तुत कर सकता।
बीजेपी नजरअंदाज नहीं कर सकती :
‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ के लिए भी सुधीर श्रीवास्तव नए नहीं हैं। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि बीजेपी सुधीर श्रीवास्तव को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उसके लिए वह एक प्रत्याशी के रूप में भले ही नया चेहरा हों लेकिन वार्ड 100 के आम लोगों के बीच सुधीर श्रीवास्तव बहुत ही लोकप्रिय हैं। टीम भावना के साथ काम करने वाले समाजसेवी हैं। भाजपा के पुराने सिपाही हैं। विकास को लेकर नए विचार और अच्छी सोच रखते हैं। कोविड जब अपनी चरम सीमा पर था तो सुधीर श्रीवास्तव ने बहुत लोगों की हरसंभव मदद की। शिप्रा के ज्यादातर ब्लॉकों में सेनीटाइज करवाया। खुद की जान खतरे में डालकर जरूरतमंदों तक पहुंचे। जबकि उनके घर-परिवार की स्थिति से सभी वाकिफ हैं। इसके बावजूद हाई रिस्क पर शिप्रा और शिप्रा के बाहर के लोगों की सुधीर श्रीवास्तव मदद करते रहे।
स्थानीय लोगों की पहली पसंद :
सुधीर ने सामाजिक कार्य किए हैं। पार्टी की विचारधारा और सरकार की लाभदायक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाते रहे हैं। समाजसेवा के लिए उन्हें कई संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं। शहर के अधिकतर समाचार पत्रों में उनकी सेवाभाव की चर्चा होती रही है। स्थानीय लोग उनके कार्य से बहुत प्रसन्न हैं। कई ने तो हमारे माध्यम से मांग की है कि बीजेपी को सुधीर श्रीवास्तव को ही पार्षद का टिकट देना चाहिए। शायद यही कारण है कि खुद श्रीवास्तव ने भी अपनी दावेदारी ठोक दी है। आइए, हम उन्हीं से बात करते हैं-
सुधीर जी, आप बीजेपी से किस आधार पर टिकट मांग रहे हैं?
देखिए, हमने काम किया है। शिप्रा सन सिटी में करीब 20 साल से समाज सेवा और आरडब्ल्यूए के माध्यम से लोगों को सेवा देता आ रहा हूं। शिप्रा सन सिटी के लोगों के सुख-दु:ख में सरीक रहता हूं। यहां के लोगों के पास जब वोटर कार्ड, आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, तब से मैं उनके लिए काम करता आया हूं और आज भी जरूरतमंदों तक पहुंचना हमारे जीवन का प्रथम लक्ष्य रहता है। हमारी हर कोशिश रहती है कि यहां के निवासियों के दु:ख-सुख में हमेशा खड़ा रहूं। हमने वार्ड में वह काम करवाए हैं जो अन्य नहीं करवा सके तो फिर हमारे इन कार्यों को पार्टी कैसे नजरअंदाज कर सकती है।
इसके बावजूद आपको बीजेपी टिकट नहीं देती है तो आप क्या करेंगे?
हमारा काम है अपनी बात रखना… और मैं भाजपा का एक अनुशासित सिपाही हूं। पार्टी टिकट किसे देगी, यह सोचना वरिष्ठ लोगों का काम है। वह जिसे समझेंगे कि यह व्यक्ति इसके लिए उचित है तो टिकट भी उसी को मिलेगा। लेकिन हम यह दावे के साथ कह सकते हैं कि यहां के लोग हमारे साथ हैं। हम पार्टी के टिकट पर जोरदार जीत दर्ज कराएंगे। और टिकट नहीं मिलेगा तो हम जिसको भी बीजेपी टिकट देगी, उसके साथ रहेंगे। मैं संगठन के साथ हूं।
आखिरी सवाल, आपको लगता है कि पार्टी आपको टिकट देगी?
भरोसा तो पूरा है। मेरे काम को, मेरे व्यवहार को और मेरे व्यक्तित्व को पार्टी नजरअंदाज नहीं कर सकती। मुझे अवश्य टिकट मिलेगा और मैं अपनी जीत अवश्य दर्ज करूंगा।


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