राष्ट्रहित में भूमिका निभाने की सशक्त माध्यम बनी कायस्थ महापंचायत

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
– छपरा के दो चित्रांश बंधु उत्कृष्ट पत्रकरिता एवं समाज सेवा के लिए सम्मानित
छपरा कार्यालय। कायस्थ महापंचायत केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कायस्थ समाज की जागरूकता, संगठित और राष्ट्रहित में भूमिका निभाने के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया है। इस महापंचायत में जिस जोश खरोश के साथ सूबे के विभिन्न जिलों सहित देश विदेश के चित्रांश बंधुओं ने अपनी उपस्थिति एवं भागीदारी सुनिश्चित की है, उससे लगता है कि इसका प्रभाव आगामी चुनाव में अवश्य दिखेगा।
बिहार की राजधानी पटना स्थित ज्ञान भवन में भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष मनीष सिन्हा एवं उनकी टीम के अथक प्रयासों से रविवार, 20 जुलाई को आयोजित यह प्रथम अधिवेशन न केवल अपनी भव्यता में अद्वितीय रहा, बल्कि इसे “कायस्थ समाज का महाकुंभ” भी कहा जाए, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। ऐसा मानना है इस महापंचायत से लौटे समाजसेवी एवं कायस्थ परिवार के मुख्य संयोजक डॉ. अभिजीत श्रीवास्तव का। उनका यह भी कहना है कि इस महापंचायत के दौरान जो मुख्य प्रस्ताव पारित हुए हैं, वह कबीले तारीफ हैं।
नवाचार और परंपरा का संगम :
महापंचायत में परंपरा और नवाचार का ऐसा संगम देखा गया, जो समाज के युवाओं और बुजुर्गों दोनों को समान रूप से प्रेरित करता है। कार्यक्रम का संचालन और प्रस्ताव प्रस्तुति, दोनों ही स्तरों पर यह स्पष्ट संदेश मिला कि कायस्थ समाज अब केवल अतीत की विरासत नहीं, भविष्य की दिशा तय करने को तैयार है।
सामुदायिक कर्तव्य दिवस – मतदान का महत्व :
महापंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भारत में होने वाले प्रत्येक चुनाव को “सामुदायिक कर्तव्य दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। यह पहल केवल वोट देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य को नागरिक उत्तरदायित्व का बोध कराएगी। यह विचारधारा समाज को मात्र वोट बैंक नहीं, बल्कि एक मूल्य-आधारित शक्ति समूह में परिवर्तित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
राष्ट्रीय कायस्थ समन्वय परिषद – एक साझा मंच की स्थापना :
एक प्रमुख प्रस्ताव के रूप में “राष्ट्रीय कायस्थ समन्वय परिषद” की स्थापना की घोषणा की गई। इस परिषद के माध्यम से देशभर के कायस्थ संगठनों को एक साझा मंच पर लाने, समन्वित कार्यनीति तैयार करने और राष्ट्रीय स्तर पर समाज की एक सशक्त आवाज बनकर उभरने का संकल्प लिया गया।
हिंदुत्व, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रवाद की मुखर अभिव्यक्ति :
महापंचायत में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि कायस्थ समाज केवल जातीय सीमाओं में नहीं बंधा है, बल्कि हिंदू सांस्कृतिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और समरसता को अपने सामाजिक विमर्श के केंद्र में रखेगा। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका के लिए प्रेरित करने वाली यह अवधारणा समाज को नई दिशा देगी।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद को श्रद्धांजलि :
भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में एक ज्ञान की प्रतिमा के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रतिमा न केवल कायस्थ समाज की गौरवगाथा का प्रतीक होगी, बल्कि राष्ट्रीय पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने का कार्य करेगी।
वैज्ञानिक और समग्र जातीय जनगणना की मांग :
महापंचायत ने भारत के 29 राज्यों में फैले कायस्थ समाज और उनके उप-समुदायों की वास्तविक और वैज्ञानिक जातीय गणना की आवश्यकता को बलपूर्वक प्रस्तुत किया। ये आंकड़े समाज की सशक्त नीति निर्धारण में सहायक बनेंगे और सरकारी योजनाओं में न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।


देश-विदेश से चित्रांश संगठनों की गरिमामयी उपस्थिति :
महापंचायत में भारत ही नहीं, विदेशों से भी चित्रांश समाज के गणमान्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर कायस्थ समाज की सशक्त उपस्थिति का प्रमाण बना। छपरा से कायस्थ परिवार की टीम एवं अन्य कई संगठनों ने पूर्ण उत्साह और भागीदारी के साथ इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सभी चित्रांश समाज के लिए गर्व की बात है।
एक आंदोलन की शुरुआत :
“कायस्थ महापंचायत 2025” केवल एक सामाजिक संवाद नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी, संगठित और राष्ट्रवादी आंदोलन की शुरुआत है। यह उस जागरण का संकेत है, जिसमें कायस्थ समाज अब केवल इतिहास का पाठक नहीं, बल्कि भविष्य का निर्माता बनना चाहता है।
महापंचायत का प्रभाव समाज में दिखेगा :
मनीष सिन्हा एवं उनकी समर्पित टीम को इस भव्य आयोजन के लिए छपरा कायस्थ परिवार की ओर से हार्दिक अभिनंदन एवं साधुवाद देते हुए अध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यह महापंचायत अपने आप में अनूठी थी, जिसका प्रभाव समाज में दिखेगा। दूसरी तरफ कायस्थ परिवार के महासचिव अजय कुमार सहाय ने बताया कि इस परिवार से जुड़े मुख्य संयोजक डॉ. अभिजीत श्रीवास्तव एवं कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव को क्रमश समाज सेवा एवं उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए महापंचायत में आए मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने पर छपरा के चित्रांश बंधुओं में हर्ष व्याप्त है। सभी लोगों ने इन दोनों चित्रांश बंधुओं को बधाई देते हुए कहा कि इस समाज को आगे बढ़ाने, समग्र विकास को धरातल पर उतारने एवं सामाजिक, सांस्कृतिक व रचनात्मक कार्यों को गतिशील बनाने में इन लोगों महत्वपूर्ण योगदान है।
इस तरह के आयोजन प्रति वर्ष होने चाहिए :
महापंचायत से लौटे आनंद विवेक, विनय कुमार और सुनीता विवेक ने बताया कि छपरा की उपस्थिति इस महापंचायत में सराहनीय रही। जबकि युवा चित्रांश भूपेश नंदन, सुभाष चंद्र भास्कर उर्फ सुबोध कुमार श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, अंकुर सिन्हा, सौरभ श्रीवास्तव, सागर बिहारी, अखिलेश कुमार, शुभम वर्मा आदि चित्रांश बंधुओं के इस समागम से बहुत गदगद हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रति वर्ष होने चाहिए तथा इसके लिए मनीष सिन्हा, वीबी वर्मा, गौरव श्रीवास्तव, रवि कुमार, विक्की कुमार आदि को बधाई दी है।
बहरहाल, कायस्थ महापंचायत ने सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, राजनीतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में आगे आने के लिए चित्रांश बंधुओं की तंद्रा तोड़ी है, इसमें कोई दो राय नहीं है बल्कि यूं कहें कि इस समाज के जागृति आने से अन्य जाति एवं जमात पर एक प्रभाव अवश्य पड़ेगा।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*