कायस्थ समाज के चौतरफा विकास के लिए राजनीतिक शक्ति आवश्यक

दीपक श्रीवास्तव/राष्ट्रीय जनमोर्चा
प्रयागराज। जय चित्रांश आंदोलन के तत्वावधान में आयोजित रविवार को यहां कायस्थ स्वाभिमान संघर्ष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कायस्थ वृंद के संस्थापक धीरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि सारी समस्याओं का अंत करना हो तो कायस्थ समाज को राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना होगा, तभी कायस्थ समाज का चतुर्दिक विकास संभव होगा। भाजपा नेता प्रवीण श्रीवास्तव उर्फ धुन्नू भैया ने कहा कि ‘एक टहनी एक दिन पतवार बनती है, एक चिंगारी एक दिन अंगार बनती है। जो सदा रौंदी गई मिट्टी समझकर, वही मिट्टी एक दिन मीनार बनती है…।’
14 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ में कायस्थ समाज के लोगों ने भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर, उनका स्तुति गान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ समाजवादी पार्टी के नेता के.के. श्रीवास्तव ने कायस्थ समाज को सलाह दी कि अगर उन्हे राजनैतिक तौर पर सशक्त होना है तो पहले कायस्थ समाज को वोट बैंक बनाना होगा। अन्य वक्ताओं में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ सुशील सिन्हा ने भी कायस्थ एकता पर जोर दिया। इसके अलावा भाजपा नेता कुमार नारायण, वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह और पूर्व आयुक्त आरएस वर्मा ने भी अपने-अपने विचार रखे।
कायस्थ समाज द्वारा इस अवसर पर एक प्रस्ताव भी पास किया गया। जिसे वरिष्ठ समाजसेवी निशीथ वर्मा ने रखा। इसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 23:50 करोड़ के सापेक्ष कायस्थों की जनसंख्या लगभग दो करोड़ होने के बाद भी कुल विधानसभा की 403 सीटों व विधानमंडल की 100 सीटों कुल 503 सीटों के सापेक्ष सिर्फ 4 सीटों पर ही विधानसभा में तथा एक सीट पर विधानमंडल में हमारे प्रतिनिधि मौजूद हैं, जबकि कायस्थों की जनसंख्या के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों के द्वारा कराए गए सर्वे में कुल 70 सीटें बताई गई हैं। इसी प्रकार लोकसभा की सीट व राज्य की 31 सीटों को मिलाकर कुल 111 सीटों के सापेक्ष कम से कम 10 प्रतिनिधि होने चाहिए, किंतु अभी हमारे प्रतिनिधियों की संख्या शून्य है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि जो भी राजनीतिक दल कायस्थों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने हेतु कार्य करेगा, समाज अपने मतदान का प्रयोग उसके पक्ष में करेगा। कायस्थ समाज ने इस संकल्प को भी दोहराया कि वह अपने समाज के प्रत्याशियों के पक्ष में सामूहिक मतदान करेगा। कार्यक्रम सयोजक डॉ मनीष श्रीवास्तव ने इस अवसर पर बताया कि 1 जनवरी 2021 को वाराणसी के उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ संपूर्णानंद जी की जयंती के अवसर पर वाराणसी से प्रारंभ कायस्थ स्वाभिमान संघर्ष को प्रदेश के विभिन्न जनपदों विशेषता कायस्थ बाहुल्य 60 से ज्यादा जनपदों में सामान्य अथवा कुल गौरवों की जयंती अदि आयोजित करते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती 2 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में विशाल सभा के आयोजन से समाप्त होगी।
कार्यक्रम में भूपेंद्र श्रीवास्तव पियूष, रतन खरे, शौर्यदीप श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, आर एस वर्मा, अमित श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, अनीता श्रीवास्तव, पवन शंकर, दीपक श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव श्रीमंत रतन श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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