यूपी में सियासत गरमाई, मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य व दो भाजपा विधायकों का इस्तीफा

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश में 17वीं विधानसभा के गठन से पहले बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या का भाजपा से मोहभंग हो गया। प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से ही बेचैन स्वामी प्रसाद मौर्या ने मंगलवार को प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से इस्तीफा दे दिया। मौर्या ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा प्रेषित किया है। उनके बाद भाजपा के दो और विधायकों ने पार्टी को इस्तीफा सौंप दिया है। ये हैं कानपुर के बिल्हौर से भाजपा विधायक रहे भगवती सागर और बांदा के तिंदवारी से भाजपा विधायक रहे बृजेश प्रजापति। सवाल उठता है कि ये सभी अवसरवादी हैं या फिर वाकई यूपी भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं है?
उधर योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस्तीफा देने के साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्या ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। कुशीनगर के पडरौना से भारतीय जनता पार्टी के विधायक स्वामी प्रसाद मौर्या योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले मंत्री हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है। वह पडरौना से लगातार तीन बार से विधायक हैं। लखनऊ में मंगलवार, 11 जनवरी को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात करने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्या ने कैबिनेट मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दिया। राज्यपाल को प्रेषित इस्तीफा में स्वामी प्रसाद ने लिखा है कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने सरकार से समर्थन वापस लेकर मंत्री पद छोड़ा था। स्वामी प्रसाद मौर्या प्रदेश सरकार में श्रम तथा सेवायोजन मंत्री थे। उनकी बेटी संघप्रिया भारतीय जनता पार्टी से बदायूं से सांसद हैं जबकि इनके बेटे उत्कृष्ट मौर्या को भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली के ऊंचाहार से चुनाव लड़वाया था। दूसरी तरफ शाहजहांपुर के तिलहर से विधायक रोशन लाल ने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बेटे के साथ आरोपित रोशन लाल वर्मा शाहजहांपुर की तिलहर सीट से भाजपा विधायक हैं। इन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रोशन लाल बसपा से भाजपा में में शामिल हो गए थे। वह बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी थे। रोशन लाल वर्मा और इनके बेटे कई बार विवादों में आ चुके हैं।
माना जा रहा है कि रोशन लाल भी स्वामी प्रसाद मौर्या के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। स्वामी प्रसाद मौर्या का दावा है कि उनके साथ भाजपा के कई बड़े पिछड़े नेता भी समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। इनमें मंत्री दारा सिंह चौहान व धर्म सिंह सैनी के साथ चार विधायक और भी हैं। फिलहाल, खबर आ रही है कि कानपुर के बिल्हौर से भाजपा विधायक रहे भगवती सागर और बांदा के तिंदवारी से भाजपा विधायक रहे बृजेश प्रजापति ने इस्तीफा दे दिया है। ये दोनों विधायक समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। देखना है कि भाजपा की इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

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