समाज रत्न अशोक श्रीवास्तव का निधन, कायस्थ समाज में शोक की लहर

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भोजपुरी समाज के अग्रज श्री अशोक कुमार श्रीवास्तव का मंगलवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 74 साल से अधिक थी। राजनगर एक्सटेंशन में रहते थे। हृदय की बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई दिनों से वह यशोदा अस्पताल में भर्ती थे, जहां आज उन्होंने दोपहर करीब एक बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से कायस्थ समाज में शोक की लहर दौड़ गई। ऑल इण्डिया कायस्थ काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने कहा है कि कायस्थ समाज ने अपना एक सबसे विशिष्ट नेता खो दिया है।
उल्लेखनीय है कि अशोक श्रीवास्तव एक राजनीतिज्ञ, वरिष्ठ समाजसेवी, हिंदी साप्ताहिक ‘सम्राट अशोक’ के संपादक एवं कायस्थ समाज के मजबूत स्तंभ थे। गाजियाबाद ही नहीं बल्कि दिल्ली एनसीआर की कई संस्थाओं के वह संरक्षक और सलाहकार रहे। कायस्थ समाज ही नहीं, उन्होंने सर्व समाज के लिए भी बहुत काम किया है। उनके निधन से सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी और कायस्थ समाज के तमाम नेता व प्रतिनिधि अवाक रह गए हैं।
मंगलवार, 31 दिसंबर को जितेन्द्र बच्चन ने अशोक श्रीवास्तव के शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह उनके परिवार को दुख की इस घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करें और उनकी आत्मा को शांति दे।” उन्होंने बताया कि अशोक श्रीवास्तव के परिवार में एक पुत्र, एक पुत्री और पत्नी हैं। इसके अलावा भी उनका बड़ा परिवार है। चार वर्ष पहले ऑल इण्डिया कायस्थ काउंसिल ने अशोक श्रीवास्तव को ‘समाज रत्न’ से सम्मानित किया था। इसके अलावा भी देश-विदेश में कई बार सम्मानित किए गए हैं। अशोक जी का जाना हमारे लिए व्यक्तिगत क्षति है।
बच्चन ने कहा कि वह हमारे अग्रज थे। आज कायस्थ समाज का एक मजबूत स्तंभ ढह गया। अशोक श्रीवास्तव को एक नेक इंसान और कायस्थ समाज के प्रति एक समर्पित लीडर के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उनका जीवन, उनकी कार्यशैली और सादगी आम व्यक्ति के लिए एक प्रतिबिंब था। उनकी विनम्रता, सौम्यता और बौद्धिकता उनके जीवन की पहचान थी। उनकी निष्ठा सभी के लिए प्रेरणा जैसी है। जो कहते थे, उसे अपना दायित्व समझते थे। उनकी रिक्तता कभी पूरी नहीं की जा सकती है।

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