राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
सारण (बिहार)। मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव के समीप सरयू नदी में रामनवमी और चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन पांच बच्चे लकड़ी काटने और पानी पीने के लिए गए थे। पानी में पैर फिसलने से तीन बच्चे डूब गए और उनकी मौत हो गई, जबकि दो बच्चे किसी तरह बच गए।
शुक्रवार, 27 मार्च को सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव के समीप सरयू नदी में एक दुखद हादसा हुआ। लकड़ी काटने और चुनने के लिए गए पांच बच्चे नदी में उतरते ही अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चले गए। बचाने की कोशिश में तीन मासूमों की जिंदगी नहीं बच पाई, जबकि दो बच्चे किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, बच्चों का परिवार घर में गैस की किल्लत के कारण खाना बनाने में परेशान था। बच्चों ने सोचा सरयू नदी के किनारे से लकड़ी काटकर लाते हैं लेकिन होनी तो कुछ और ही लिखी थी। मृतकों में मटियार पंचायत के पप्पू महतो के 10 वर्षीय पुत्र और 12 वर्षीया पुत्री के अलावा, बैगमंर गांव की एक अन्य किशोरी भी शामिल है।
ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों बच्चे पहले घोघर नदी के किनारे खेल रहे थे और मछली पकड़ने के लिए पानी में चले गए। अचानक गहरे पानी में जाने से तीनों डूब गए। आसपास बचाने वाला कोई नहीं था। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और तीनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका। मांझी थानाध्यक्ष विनोद कुमार सूचना मिलने पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद मटियार गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में मातम पसरा हुआ है। जहां सुबह तक पूजा और उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और पंचायत के जनप्रतिनिधि परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं।


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