वेदपाल राणा / राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्रीय बजट में शहरों की तस्वीर बदलने को प्राथमिकता दी गई है। ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय केंद्रीय बजट में नई परियोजाओं और राज्यवार योजनाओं के बजट का रोडमैप तैयार करने में जुट गया है। बजट पेश होने के बाद खुद केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को पुरानी परियोजनाओं को गति देने और नई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य दिया, क्योंकि बतौर मुख्यमंत्री के साथ बतौर वित्त मंत्री पांच साल हरियाणा का बजट पेश करने और उसे धरातल पर लागू करने का केंद्रीय मंत्री का अच्छा खासा अनुभव है।
वर्ष 2025-26 के बजट केंद्रीय बजट में ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय के कई नए संकल्पों को साकार करने की सार्थक पहल की गई है। इनमें प्रमुख रूप से बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय और परिचालन स्थिरता में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है। यही नहीं राज्य के भीतर ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाने के लिए विद्युत क्षेत्र में प्रोत्साहन दिया जाएगा। आगामी पांच वर्षों में देश की विकास क्षमता के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय बजट में परमाणु ऊर्जा और न्यूक्लियर एनर्जी मिशन को प्राथमिकता दी गई है। लिहाजा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने दोनों संकल्पों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही न्यूक्लियर एनर्जी मिशन के शुभारंभ के लिए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर अनुसंधान एवं विकास के लिए 20,000 करोड़ आवंटन आवंटित किए गए हैं।
केंद्रीय बजट में शहरों के विकास को गति देने की प्रतिबद्धता जताई गई है। शहरी विकास को बढ़ाने के साथ बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक लाख करोड़ के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ की स्थापना की गई है, जो शहरों को विकास केंद्र, रचनात्मक पुनर्विकास और जल एवं स्वच्छता जैसी पहलों को लागू करने में मदद करेगा। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 30 हजार की सीमा वाले यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का कहना है कि केंद्रीय बजट के संकल्पों को पूरा करने के लिए रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शहरीकरण के लाभ हर नागरिक तक पहुंचे बजट में इसकी प्रतिबद्धता जताई गई है। पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना, जिसने पहले ही 68 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित किया है, अब और अधिक उन्नत बैंक ऋणों की पहुंच को आसान बनाएगी। वहीं बजट 2025-26 शहरी विकास, आवास और बुनियादी ढांचे में परिवर्तनकारी सुधारों को बढ़ाने के साथ ‘विकसित भारत’ की नींव को मजबूत करेगा।

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