राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
जालंधर। पंजाब कला व साहित्य अकादमी जालंधर द्वारा पंजाब प्रेस क्लब 28वां वार्षिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर देश विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियों व श्रेय अर्जित करने पर साहित्यकारों व विद्वानों को राष्ट्रीय पंकस अकादमी अवार्ड, राष्ट्रीय शौर्य सम्मान व राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के वरिष्ठ कवि व साहित्यकार विष्णु सक्सेना को राष्ट्रीय पंकस अकादमी अवार्ड से नवाजा गया।
रविवार, 1 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में विष्णु सक्सेना को जालंधर पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा व पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय भटिंडा के उप कुलपति डा राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने स्मृति चिन्ह, शॉल, सम्मान व मोतियों की माला पहना कर सम्मानित किया। श्री सक्सेना को मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी राष्ट्रीय हिन्दी सहस्राब्दी सम्मान से नवाजा गया है। उनके साहित्य पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से तीन शोधार्थियों ने “एमफिल” किया है। समारोह में अकादमी के अध्यक्ष सिमर सदोष व निदेशक डा जगदीप सिंह ने अकादमी की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि विष्णु सक्सेना को 1972 में उनकी काव्य कृति “बैंजनी हवाओं में” के लिए भाषा विभाग हरियाणा द्वारा राज्य क्षेत्र कृति पुरुस्कार, 2014 में उनके खंड काव्य “अक्षर हो तुम” के लिए हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा राज्य श्रेष्ठ कृति पुरुस्कार, 2021 में उनके खंड काव्य, “सुनो राधिके सुनो” के लिए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ द्वारा जय शंकर प्रसाद सम्मान, 2022 में सुनो राधिके सुनो को जयपुर साहित्य संगीत द्वारा श्रेष्ठ कृति पुरुस्कार व 2024 में कादंबरी संस्थान जबलपुर द्वारा उनके लघु कथा संग्रह “अंधेरों से आगे” को कादंबरी विविधा सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

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