राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी विधायक नहीं हैं लेकिन उनकी गाड़ी पर विधायक (एमएलए) का स्टीकर लगा रहता है। पार्टी के नए कार्यकर्ता भी एक बार इतना तामझाम देखकर गच्चा खा जाते हैं। बहुत लोग स्टीकर देखकर समझते हैं कि उसके आका विधायक भी हैं। क्या यही मंशा है श्रीकांत त्यागी की या फिर वह पुलिस-प्रशासन को भी चकमा देना चाहते हैं अथवा जनता को मूर्ख बना रहे हैं?
हकीकत तो श्रीकांत त्यागी ही बताएंगे, लेकिन इन दिनों उनकी गाड़ी में लगा एमएलए का स्टीकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं ईएनटी के देश के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ बीपी त्यागी कहते हैं, “दरअसल इसी अंदाज में जनता को ठगने का यह तरीका श्रीकांत त्यागी ने अपना रखा है।” उन्होंने कहा, “ओमेक्स सोसाइटी नोएडा की एक सम्मानित महिला का प्रकरण तो सभी को याद होगा, जब श्रीकांत त्यागी की कार पर एमएलए का स्टीकर था और उसको सजा हुई थी। लेकिन सबसे अधिक मायने रखने वाली बात यह है कि आज भी श्रीकांत त्यागी का फ़ोन मिलाने पर ट्रूकॉलर श्रीकांत त्यागी एमएलए ही दिखा रहा है और पुलिस मौन है!”
डॉ बीपी त्यागी सवाल करते हैं, “क्या श्रीकांत त्यागी को किसी का संरक्षण मिला हुआ है? दरसअल, प्रदेश की जनता को धोखा देना श्रीकांत त्यागी की आदत बन चुकी है। हमारा समाज भोलाभाला समाज है।” डॉ त्यागी गंभीर होकर कहते हैं, “मुझे डर इस बात का है कि कहीं श्रीकांत त्यागी की पार्टी समाज को चंदे के नाम पर ठग तो नहीं कर रही है? आखिर हमें तो श्रीकांत त्यागी ने अपने जाल में फंसाकर ठगा ही है न! इसीलिए हम समझते हैं कि बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो उनके बिछाए जाल में फंस सकते हैं और उनका सबकुछ नेस्तनाबूत हो सकता है।”
तो आप क्यों पार्टी से जुड़ गए? ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ के इस सवाल पर डॉ बीपी त्यागी कहते हैं, “हमने तो भावनाओं में बहकर अपना बहुत बड़ा नुकसान कर लिया। पार्टी से हम कतई नहीं जुड़ना चाहते थे परन्तु इस शर्त पर जुड़ गए थे कि समाज के लोगों और त्यागी बिरादरी की पार्टी है। अब जब हकीकत समाने आ रही है तो उसका हमें खामियाजा भी भुगतना पड़ा है।”
अगर ऐसी आंशका है और श्रीकांत त्यागी पार्टी के माध्यम से गलत कर रहे हैं तो पुलिस और प्रशासन को इस पर सख्ती करनी चाहिए? इसके जवाब में डॉ बीपी त्यागी कहते हैं, “शासन-प्रशासन को चाहिए कि वह इस धोखेबाज पर तुरंत शिकंजा कसे। श्रीकांत त्यागी समाज की आंख में धूल झोंक रहा है।”


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