नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में कोरोना से जंग में आगरा मॉडल नजीर बन गया है। यहां प्रदेश में सबसे पहले हॉटस्पाट बनाए गए थे। छह अप्रैल को 22 हॉटस्पाट जोन बनाए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या 29 है। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान आगरा को रोल मॉडल बताकर तारीफ की।
अभी तक जो रणनीति यहां के पुलिस-प्रशासन ने अपनाई है, उसे प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रशंसा की। उप्र में सबसे पहले आगरा में बनाए गए हॉटस्पाट जोन, कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान दिया गया। उसी का परिणाम रहा कि आगरा रोल मॉडल बन सका।
संयुक्त सचिव ने कहा कि इटली से घूमकर आगरा आए एक परिवार के सदस्यों में सबसे पहले कोरोना की पुष्टि हुई थी। पुलिस-प्रशासन ने बेहतर तालमेल दिखाया। परिवार के सदस्य कहां-कहां गए? इसकी पूरी ट्रैसिंग की गई। तीन किलोमीटर को कंटेंटमेंट और पांच किलोमीटर को बफर जोन में बदला गया। 1248 मेडिकल टीमों का गठन कर अब तक नौ लाख लोगों का सर्वे किया गया। 2500 लोग खांसी, जुकाम और बुखार से पीडि़त मिले। इन पर नजर रखी जा रही है।
आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि पुलिस-प्रशासन, नगर निगम सहित अन्य विभागों में बेहतरीन तालमेल का परिणाम है कि आगरा रोल मॉडल बना है। केंद्र और राज्य सरकार को मॉडल से संबंधित पूरी जानकारी भेज दी गई थी। नगर निगम में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाया गया है। सेहत की जांच, आगरा लॉकडाउन मॉनीर्टंरग एप, चेक ग्रॉसरी एप लांच किया जा चुका है। टेली मेडिसिन की सुविधा मिल रही है। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी कराई जा रही है। आवश्यक सेवाओं में दिक्कत न हो, इसके लिए मैनुअल पास जारी किए गए। 3 अप्रैल से ई-पास जारी किए जा रहे हैं। कम्युनिटी किचन शुरू किया गया। जनसहयोग से 50 हजार के करीब खाने के पैकेटों का वितरण कराया जा रहा है। दवाओं की होम डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि आईएमए की मदद से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। होटलों में 566 और अन्य में 3180 बेड रिजर्व किए गए हैं। मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। सैनिटाइजेशन, फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिडक़ाव कराया जा रहा है। पशुओं के चारा की व्यवस्था की गई। हर दिन नगर निगम की टीम पशुओं-पक्षियों को दाना-पानी उपलब्ध करा रही है।


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