चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को एक अहम फैसला लेते हुए हरियाणा से सटी पांच राज्यों की सीमाएं सील कर दी हैं। अब इन पड़ोसी राज्यों से आने वाले पास धारकों की भी कोरोना जांच करने के बाद ही एंट्री होगी। इससे पहले हरियाणा सरकार ने दिल्ली की सभी सीमाओं को सील कर चुकी है। नए फैसले के बारे में सरकार ने पड़ोसी राज्यों को भी सूचित कर दिया है।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बताया कि हरियाणा पुलिस ने तत्काल प्रभाव से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल व पंजाब की सीमाओं को सील कर दिया है। हरियाणा में कुल 162 इंटर स्टेट नाके हैं। हरियाणा का पंचकूला जिला हिमाचल से, अंबाला जिला उत्तराखंड से, यमुनानगर, करनाल, पानीपत व सोनीपत जिले उत्तर प्रदेश से, सिरसा, जींद व फतेहाबाद पंजाब से, हिसार व सिरसा राजस्थान से सटे हुए हैं। सभी बार्डर पर लगाए गए पुलिस नाकों के साथ ही कोरोना टेस्टिंग के लिए बूथ स्थापित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी नाकों पर मौजूद रहेंगी। रैपिड टेस्ट किट से टेस्टिंग के बाद ही हरियाणा में एंट्री होगी।
हरियाणा में केवल उन्हीं लोगों की एंट्री होगी, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई जरूरी सेवाओं की सूची में शामिल किया गया है। मानेसर के आईटी पार्क स्थित साऊथ कोरिया की कंपनी द्वारा बनाई गई रैपिड टेस्ट किट से बार्डर से प्रदेश में आने वाले लोगों की टेस्टिंग होगी। इस किट से 8 से 10 मिनट में रिजल्ट आ जाएगा। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही एंट्री होगी। अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली तो उसे वापस लौटा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सीएमओ के पास रैपिड टेस्ट किट भिजवा दी गई हैं। साथ ही, उन्हें आदेश दिए गए हैं कि अब वे कोरोना यौद्धाओं के टेस्ट शुरू करें।
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पंजाब में कोरोना रोगियों की अचानक वृद्धि का संज्ञान लेते हुए कहा कि हरियाणा में भी कुछ श्रद्धालु नांदेड साहिब से आए हैं। सभी श्रद्धालुओं के रैपिड की बजाय नियमित कोरोना टेस्ट कराए जा रहे हैं। जब तक रिपोर्ट नहीं आती तब तक इन्हें क्वारंटाइन रखा जाएगा।
विज ने कहा, अगर दिल्ली सरकार तब्लीगियों को वहीं क्वारंटाइन करती और पॉजिटिव मिलने वालों का उपचार करती तो पूरे देश में कोरोना संक्रमण नहीं फैलता।


Leave a Reply