गाजियाबाद। कोरोना संकटकाल के चलते बिजली बिलों का बकाया नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर अब विद्युत विभाग जल्द कार्रवाई करेगा। जिले में 10 हजार रुपये से अधिक धनराशि के बिल जमा नहीं करने वाले करीब 90 हजार उपभोक्ता है। इन उपभोक्ताओं पर बिजली बिलों का लगभल 315 करोड़ रुपये बकाया हैं।
मंगलवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर आरके राणा ने बताया कि उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा चुके है। मगर बिजली बिलों का बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। जनपद में 10 हजार रुपये से अधिक धनराशि के करीब 90 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 315 करोड़ रुपये बकाया होने के चलते अब कार्रवाई की जाएगी। विद्युत वितरण निगम अब इन पर कार्रवाई की तैयारी में जुटा हैं। इन डिफॉल्टर बकाएदारों की सूची तैयार कर ली गई हैं।
शहरी क्षेत्र में 49 हजार 146 उपभोक्ताओं पर 160 करोड़ 40 लाख 21 हजार रुपये बकाया हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 38 हजार 343 उपभोक्ताओं पर 148 करोड़ 76 लाख 43 हजार रुपये बकाया हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के डिवीजन-1 में जहां 7805 उपभोक्ताओं पर 59 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है, वहीं मोदीनगर में 13,344 उपभोक्ताओं पर 58 करोड़ 61 लाख रुपये से अधिक और लोनी में 10,325 उपभोक्ताओं पर करीब 57 करोड़ रुपये बकाया है। डिवीजन-2 में 10722 उपभोक्ताओं पर 47 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक बकाएदार हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लोनी डिवीजन और मुरादनगर में 14,458 उपभोक्ताओं पर करीब 65 करोड़ रुपये बकाया हैं।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के समय से विद्युत बकाएदार उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर आरके राणा ने बताया कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे 10 हजार रुपये से अधिक के बकाएदारों के खिलाफ विद्युत निगम की ओर से सूची तैयार की गई है। अब इनके खिलाफ विभाग कार्रवाई करते हुए इनके कनेक्शन काटने के साथ ही बकाया की वसूली की जाएगी। वसूली की कार्रवाई शुरू कराई गई है।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर आरके राणा ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील भी की है कि वह समय पर बिल जमा कर दें, ताकि किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।


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