राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने गुरुवार को एक और बड़ा कदम उठाया है। उनके अनुसार गाजियाबाद पुलिस पारिवारिक विवादों से संबंधित अब सभी मामलों का निस्तारण यूनीसेफ की तर्ज पर करेगी। इसके लिए बहुत जल्द यहां के पुलिस परिवार परामर्श केंद्रों को हाईटेक किया जाएगा।
गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि महिला थानों में पारिवारिक विवादों की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने से पहले ऐसे विवादों को प्रशासन द्वारा स्थापित परिवार परामर्श केंद्रों पर भेजा जाता है, ताकि आपसी रजामंदी से उनका निपटारा किया जा सके और परिवारों का विघटन न हो। इसी कड़ी में परामर्श केंद्रों की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा।
दोनों परिवारों को सुलह के लिए गाजियाबाद पुलिस ने पहली बार यूनीसेफ द्वारा अपनाई गई प्रक्रियाओं को अपनाने का फैसला लिया है। एसएसपी नैथानी के अनुसार यूनीसेफ की तर्ज पर एक फार्म बनाया गया है, जिसे मध्यस्थ के लिए दोनों पक्षों का विवरण भरा जाएगा, ताकि दोनों पक्षों से संपर्क करने में और मध्यस्थता कराने में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। दो पृष्ठ के इस फार्म में 13 महत्वपूर्ण बिंदुओं का समावेश किया गया है। इसके अलावा परिवार परामर्श केंद्रों को हाईटेक करने के लिए फोटो स्टेट मशीन, प्रिंटर और कंप्यूटर आदि से लैस किया जाएगा। नैथानी ने बताया कि इन विवादों से जुड़े लोगों को अब समन भेजने के बजाय सीधे ई-मेल के जरिए बुलाया जाएगा। इसस समय की बचत होगी और पुलिस कर्मियों पर काम का भार भी कम होगा। इससे पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने यहां के परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंचकर कुछ फरियादियों से बातचीत की और उनकी सुलह में होने वाली परेशानियों को जाना-समझा है।


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