पंजाब केसरी के संपादक एवं पूर्व सांसद अश्वनी चोपड़ा का निधन

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता

गुरुग्राम। भाजपा के पूर्व सांसद अश्वनी चोपड़ा का शनिवार की सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर गुरुग्राम में देहांत हो गया। वे फेफड़े के कैंसर से पीड़ित थे और 6 जनवरी से गुरुग्राम के मेदांता मेडिसिटी में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन से राजनीति, पत्रकारिता और खेल जगत समेत पूरे समाज में शोक की लहर है।

63 वर्षीय अश्वनी चोपड़ा (अश्वनी मिन्ना) 2014 के लोकसभा चुनाव में करनाल से भाजपा की टिकट पर लड़कर सांसद बने थे। उन्होंने उस समय कांग्रेस के उम्मीदवार अरविंद शर्मा को हराया था। इन दिनों अश्वनी चोपड़ा फेफड़े के कैंसर से पीडि़त थे। विदेश में भी उनका उपचार हुआ। जब कोई खास राहत नहीं मिली तो उन्हें स्वदेश लाया गया और यहां छह जनवरी को मेदांता मेडिसिटी में भर्ती करया गया था। उनकी नाजुक हालत को देखते हुये 12 जनवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उनसे मिलने मेदांता पहुंचे थे। शनिवार, 18 जनवरी को अश्वनी चोपड़ा ने अंतिम सांस ली।

अश्वनी चोपड़ा हिन्दी दैनिक पंजाब केसरी (दिल्ली संस्करण) के संपादक थे। इससे पहले उन्होंने खेल के क्षेत्र में भी खूब नाम कमाया। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अश्वनी चोपड़ा ने पंजाब यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता का कोर्स किया। कैलिफोर्निया से उन्होंने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री की। पूर्ण रूप से पत्रकारिता करने से पूर्व वह पंजाब में रणजी ट्रॉफी मैच खेले। वर्ष 1975-76 और 1979-80 के बीच उन्होंने 25 फर्स्ट क्लास रणजी मैच खेला। क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में वे लेग स्पिनर थे। वर्ष 1975-76 के ईरानी कप मैच में अश्वनी चोपड़ा ने सुनील गावस्कर का विकेट लिया था। इसके अलावा वे बेबाक पत्रकारिता के लिए सदैव जाने जाते रहेंगे।

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