पटना। बिहार की राजनीति में अब कोरोना ने दहशत फैला दी है, राजद-जदयू के बाद अब कोरोना ने भाजपा नेताओं को अपनी चपेट में ले लिया है। बिहार विधानसभा चुनाव समय से कराने की वकालत कर रही भाजपा को उसकी तैयारी बैठक ने ही सांसत में डाल दिया है। हफ्ते भर चली पार्टी की क्षेत्रीय बैठक की वजह से अधिसंख्य पार्टी पदाधिकारी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। अब प्रदेश संगठन में हडक़ंप मचा हुआ है।
भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव की अगुवाई में पिछले सप्ताह पटना में सात क्षेत्रीय बैठकें हुईं। उन बैठकों में प्रदेश और जिला स्तर के पार्टी पदाधिकारी सहित विधायक और पूर्व उम्मीदवार आदि शामिल हुए थे। उनमें से 137 दिग्गजों का सोमवार को सैंपल लिया गया था, जिनमें से 75 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब खलबली मची हुई है और पार्टी के प्रदेश कार्यालय को अगले 15 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान संगठन की तमाम गतिविधियां भी लगभग ठप रहेंगी।
गौरतलब है कि इस साल नवंबर में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उससे पहले यानी अक्टूबर-नवंबर में चुनाव की मियाद बनती है। उसके मद्देनजर चुनाव आयोग की तैयारी भी चल रही, लेकिन राजद सहित तमाम विरोधी दल कोरोना संक्रमण का हवाला दे चुनाव को स्थगित करने का आग्रह कर रहे। इस संदर्भ में हाई कोर्ट में याचिका भी दायर हो चुकी है। दूसरी तरफ सत्तारूढ़ जदयू के साथ भाजपा समय से चुनाव की पक्षधर हैं। उसी मद्देनजर चुनावी तैयारी भी रफ्तार पकड़ रही थी कि कोरोना ने कहर ढा दिया। फिलहाल पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ के अलावा प्रदेश महामंत्री देवेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, राधा मोहन शर्मा, संगठन महामंत्री के निजी सचिव विकास कुमार, पूर्व उपाध्यक्ष अनिल शर्मा, मीडिया प्रभारी राजू झा और राकेश सिंह, कार्यालय सचिव दिलीप मिश्रा आदि की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वे सभी क्वारंटाइन हैं।


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