राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित स्मार्ट सिटी मिशन की बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मनोहर लाल ने राज्यवार स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए शहरों में नागरिक सेवाओं का सरलीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं का ढांचा मजबूत करने के निर्देश दिए। जिसके अनुसार अब देशभर की 100 स्मार्ट सिटी हाईटैक सुविधाओं से सुसज्जित होंगी। यातायात प्रबंधन से लेकर सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिक सेवाओं के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्मार्ट सिटी में नागरिक सेवाओं के लिए एकीकृत कमान और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर नियंत्रण केंद्र (इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर-आईसीसीसी) संचालित होंगे। शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि शहरों में सार्वजनिक संपत्तियों का रखरखाव करने के साथ आपदा नियंत्रण एवं यातायात प्रबंधन को लेकर कमान कंट्रोल सेंटर बनाए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मनोहर लाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन को साकार करने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरों में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध चरण में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 1.51 लाख करोड़ की 7545 परियोजनाओं का 88 प्रतिशत शहरों में केंद्रीय कोष का पूर्ण उपयोग किया जा चुका है। शहरों में निगरानी और सुरक्षा में सुधार करते हुए 83000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। 1,300 से अधिक सार्वजनिक स्थान परियोजनाएं विकसित की गईं, जिनमें 318 किलोमीटर के तटवर्ती क्षेत्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल अहम भूमिका निभा रहे हैं। मनोहर लाल के नेतृत्व में न केवल स्मार्ट सिटी से जुड़ी परियोजनाओं पर काम तेजी के साथ चल रहा है, बल्कि भविष्य की योजनाएं भी तैयार हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री का मानना है कि वर्ष 2047 तक देश की आधी आबादी का शहरी क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है। इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरों को विकसित करने के साथ ऐतिहासिक धरोहरों को भी संजोया जा रहा है। 55 शहरों में 484 ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार किया गया है। इसके साथ ही 48,000 करोड़ के बजट का 99.5 प्रतिशत प्रभावी रूप से खर्च किया गया है। 17,000 किलोमीटर की उन्नत जल आपूर्ति प्रणालियों को विकसित किया गया है। 165 अस्पतालों की सहायता देने के साथ 3100 से अधिक ई-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। यही नहीं, शिक्षा और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और वाई-फाई हॉटस्पॉट शुरू किए गए हैं।

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