राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
लखनऊ। मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्यकार सुभाष चंदर, डॉ. नवीन चंद्र लोहनी सहित प्रदेश की 18 प्रतिभाओं को ‘शब्द शिल्पी’ सम्मान से अलंकृत किया गया। राजधानी के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि व पूर्व उप मुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त आज भी देश के उन कालजई रचनाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीयता और गांधी की विचारधारा को नए सूत्र में पिरोया। आजादी का अमृत महोत्सव राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के स्मरण के बिना अधूरा है।
उन्होंने कहा कि यहां सम्मानित किए जानी वाली विभूतियों ने राष्ट्र गौरव व सम्मान की रक्षा में जो योगदान दिया है, वह अविस्मरणीय है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पदमश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि आज की पीढ़ी सूर, तुलसी, कबीर, मीरा को भूलती जा रही है। उन्होंने कहा कि समय आ गया है इस देश की माटी में रचे-बसे इन विभूतियों की अलमारियों में बंद रचनाओं को पाठ्यक्रम के जरिए हर बालक तक पहुंचाया जाए।
संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राज नारायण शुक्ला ने सुभाष, डॉक्टर नवीन, रोहिणी, आलोक यात्री, सुभाष चंद्र कुशवाहा, सूर्य प्रसाद दीक्षित, प्रोफेसर हरिशंकर मिश्रा, प्रोफ़ेसर योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रोफेसर पवन अग्रवाल, प्रोफेसर श्रुति, डॉक्टर उर्विजा शर्मा, अमित शर्मा, डॉक्टर देवी प्रसाद तिवारी, डॉक्टर शुभम त्यागी, डॉ विजय कुमार वर्मा, डॉ वंदना झा, डॉ मनु प्रताप सिंह, प्रोफेसर डीपी सिंह, डॉक्टर आनंद कुमार सिंह को सम्मानित करते हुए कहा कि आजादी के अमृत उत्सव के अवसर पर हम इन मनीषियों का सम्मान कर गौरव का अनुभव कर रहे हैं। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कवि पंकज प्रसून, रंगगर्मी मेराज आलम, राकेश त्यागी आदि गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


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