राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के मामले को 30 दिन पूरे हो गए। लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है। मामला जांच-पड़ताल में उलझा हुआ है। पहले पुलिस की लीपापोती सामने आई, अब सीबीआई तहकीकात कर रही है। तब भी एक महीने बाद नतीजा ढाख के तीन पात ही लग रहा है।
रविवार को भारतीय समुदाय के हजारों लोगों ने विश्व के 25 देशों में इस घटना को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। डॉक्टर बेटी की पीड़ा हम सभी को है। जापान, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और सिंगापुर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन यूरोपीय देशों के कई शहरों तक पहुंच चुके हैं। अमेरिका में 60 से ज्यादा जगहों पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया है।
उल्लेखनीय है कि कोलकाता में 9 अगस्त, 2024 को चेस्ट मेडिसिन की 31 वर्षीय स्नातकोत्तर छात्रा की हत्या के बाद देश में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। बंगाल में डॉक्टर्स आज भी प्रदर्शन कर रहे हैं। समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया की वरिष्ठ सदस्य डॉ रानू शर्मा कहती हैं, ड्यूटी पर तैनात एक युवा प्रशिक्षु डॉक्टर की इस जघन्य घटना ने हमें स्तब्ध कर दिया है। इसकी निर्दयता, क्रूरता और मानव जीवन की उपेक्षा से हम सभी स्तब्ध हैं।


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