राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी (सुभास) पार्टी द्वारा शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 116वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि खुद में देशभक्ति के जज्बे को भरने के लिए शहीद भगत सिंह का नाम ही काफी है। उनमें देश के प्रति इतना प्रेम था कि वह हँसते-हँसते फांसी के फंदे पर झूल गये। सामाजिक शोषण और अमीरी-गरीबी की खाई को भगत सिंह के रास्ते पर चलकर ही मिटाया जा सकता है।
116 दिन भूख हड़ताल पर रहे :
पार्टी संयोजक सतेन्द्र यादव ने इससे पहले भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के पिता किशन सिंह व माता विद्यावती ने बचपन से ही उन्हें देशभक्ति व अन्याय के खिलाफ लड़ने के शिक्षा दी थी। खुद भगत सिंह ने जेल में रहते हुए राजनीतिक कैदियों के अधिकार के लिए 116 दिन की भूख हड़ताल की थी। उनकी फाँसी रोकने के लिए पूरी दुनिया ने कोशिश की। ब्रिटिश सांसद तक लगे रहे। लोगों ने खून से खत लिखे। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस व मौहम्मद अली जिन्ना ने पुरजोर कोशिश की लेकिन अंग्रेजों ने किसी की नहीं मानी। महज 23 साल 5 महीने 25 दिन की आयु में 23 मार्च 1931 की शाम 7:33 उन्हें फाँसी दे दी गई।
देश को आजाद कराने के लिए पूरा जीवन समर्पित :
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के मुरादनगर के पूर्व विधानसभा प्रभारी मनोज शर्मा ‘होदिया’ ने कहा कि स्कूली शिक्षा से ही भगत सिंह भारत की आजादी के सपने देखने लगे थे। उन्होंने गांधी जी के असहयोग आन्दोलन में भाग लिया। माता-पिता ने शादी करनी चाही तो घर से भाग गये और अपने पीछे एक खत छोड़ गये थे, जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह अपना जीवन देश को आजाद कराने के लिए समर्पित कर चुके हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे :
कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी जटाशंकर सिंह को माला और शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अनिल सिन्हा, विनोद अकेला, जटाशंकर सिंह, राजेंद्र यादव, राजेंद्र गौतम, आरपी शुक्ला, भोजराज यादव, संजय पासवान, कृष्ण मोहन झा, अनिल श्रीवस्त्व, अर्जुन सिंह, रघुबर यादव, सुनील दत नेताजी, दीपक वर्मा, विवेक राणा, हरीश शर्मा, जगदीश राय गोयल, आबिद, नसरुद्दीन मलिक, इरशाद, अक्षय कुमार, रोहित, रिंकू, दीपक पाल, विकास कुमार, नरेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।


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