गाजियाबाद में डॉ. विष्णु सक्सेना व डॉ भुवन मोहिनी को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। देवप्रभा प्रकाशन और हिन्दी भवन समिति द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोहिया नगर स्थित हिन्दी भवन में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नामचीन कवियों ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। खासकर डॉक्टर विष्णु सक्सेना और डॉ भुवन मोहिनी को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। बड़ोदरा गुजरात से आईं कवयित्री श्वेता सिंह के गीतों को भी लोगों ने खूब सराहा। उनकी रचना ‘हमारे राम तुम्हारे राम, जगत में सबसे प्यारे राम, अवध में पुनः पधारे राम…’ श्रोताओं ने खूब दोहराईं।
कार्यक्रम के हिन्दी अकादमी दिल्ली के उपसचिव ऋषि कुमार शर्मा और नगर निगम के पूर्व पार्षद व ओज के महाकवि कृष्ण मित्र के सुपुत्र हिमांशु लव कवि सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि रहे। इंदौर से आईं सुविख्यात कवयित्री डॉ. भुवन मोहिनी की सरस्वती वंदना से शुरू हुए कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने की। डॉ. सक्सेना ने अपने मधुर गीतों से सबका दिल जीत लिया। उनकी कविता की चार पंक्तियां ‘बड़ी मुश्किल से कोई सुबह मुस्कुराती है, गम की हर रात दबे पांव चली आती है, वक्त लगता ही नहीं जिन्दगी बदलने में, पर बदलने में वक्त जिन्दगी लग जाती है…।’
शम्भु शिखर ने श्रोताओं को खूब हंसाया :
डॉ. भुवन मोहिनी ने पढ़ा- ‘इक मीरा थी प्यार की खातिर पी गई जहर का प्याला, आज की मीरा मदिरा पीकर कहती है उल्लाला, हो गई हो गई रे बावरिया दुनिया हो गई रे…।’ सुप्रसिद्ध हास्य कवि शम्भु शिखर ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। फरीदाबाद से आये मशहूर कवि श्रीचंद भंवर के श्रंगारिक गीतों ने खूब तालियां बटोरीं।
चेतन आनंद ने शहीदों को अर्पित किए सुमन:
कवि, पत्रकार और कवि सम्मेलन के संयोजक डॉ. चेतन आनंद की वीर रस की कविताओं खासतौर पर शहीद पर पढ़ी गई कविता ने श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी। ‘जिसने की मरने-मिटने की तैयारी, जान गंवा दी लेकिन बाजी न हारी, ऐसे अमर शहीद का तुम वंदन करना, सौ-सौ नहीं हजारों अभिनंदन करना!’ पंक्तियों से उन्होंने शहीदों के प्रति अपने भाव सुमन अर्पित किये। युवा कवि एलेश अवस्थी की ओजस्वी कविताओं ने श्रोताओं के दिलों को हिलाकर रख दिया। ‘अक्षर-अक्षर गांडीव की टंकार सुनाई देगी जी, केवल भारत माता की जयकार सुनाई देगी जी’ पंक्तियों पर श्रोताओं ने ताल से ताल मिलाई।
दिनेश दिग्गज ने किया कुशल संचालन:
कवि बीपी सिंह ‘मिलिन्द’ ने अपनी कविताओं और बीच-बीच में करारी चुटकियों के माध्यम से श्रोताओं को खूब लुभाया। दिल्ली की मशहूर शायरा सरिता जैन की गजलों ने सभी का दिल जीत लिया। उज्जैन से आये सुविख्यात हास्य-व्यंग्य कवि दिनेश दिग्गज ने कुशल संचालन करने के अलावा अपनी कविताओं से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
कयी कवियों का हुआ सम्मान:
कवि सम्मेलन से पूर्व कई कवियों को सम्मानित किया गया। जिसका संचालन पूनम शर्मा ने किया। इस अवसर पर महेश आहूजा, रवि वर्मा, अशोक चोपड़ा, सुशील गुलाटी, सुप्रसिद्ध शायर राज कौशिक, डॉ. सुधीर त्यागी, जयवीर आर्य, भूपेन्द्र त्यागी, अनिमेष शर्मा, डॉ. तारा गुप्ता, डॉ. तूलिका सेठ, ब्रजनंदन पचौरी, अजय अग्रवाल, पूनम सागर, मंजुला रॉय, रीता चोपड़ा, वीरपाल विद्यालंकार, मुकेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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