जितेन्द्र बच्चन / ब्यूरो चीफ : राष्ट्रीय जनमोर्चा
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर के पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की हत्या के करीब डेढ़ महीने बाद भी उसके सभी कातिल नहीं पकड़े गए हैं। परेशान परिजन लोगों के साथ न्याय पाने के लिए अब जुलूस निकालने के मजबूर हैं। वे नारे लगा रहे हैं- “आशुतोष हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं!” तब भी स्थानीय पुलिस शर्मसार नहीं हो रही है। परिजनों का पुलिस जांच से भरोसा उठ चुका है। वह मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खामोश हैं। आखिर पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव के परिजनों को कब मिलेगा न्याय?
उल्लेखनीय है कि 13 मई की सुबह सबरहद गांव में पत्रकार वे हिंदू नेता आशुतोष श्रीवास्तव की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आशुतोष के बड़े भाई संतोष श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के साथ-साथ कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जमीरुद्दीन कुरैशी को गिरफ्तार किया था। एक अन्य शूटर प्रशांत सिंह उर्फ प्रिंस को मुठभेड़ में मार गिराया। घटना के समय बाइक चला रहे आरोपी नीतीश राय को गिरफ्तार कर लिया, जिसका बयान है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए पाराकमाल गांव के प्रॉपर्टी डीलर सिकंदर आलम ने 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
लेकिन सिकंदर आलम के साथ-साथ बाकी के नामजद आरोपी भी फरार हैं। पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है- “आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही हत्यारे पकड़े जाएंगे।” उधर परिजनों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पत्रकारों और कायस्थों के कई संगठन भी इस घटना के विरोध में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। बुधवार, 26 जून को जौनपुर में पत्रकार संघ एवं युवा एकता मंच के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें आशुतोष के भाई संतोष श्रीवास्तव के साथ-साथ सैकड़ों लोग शामिल रहे।
कैंडल मार्च शाहगंज के राम-जानकी मंदिर बौलिया से निकाला गया। घास मंडी, चौक, कोतवाली, डाकघर तिराहा होते हुए जेसीज चौक पहुंचा, जहां लोगों ने दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित तीन सूत्रीय एक मांग पत्र एसडीएम शैलेन्द्र कुमार को सौंपा गया। सीएम से मांग है कि कातिलों को जल्द पकड़ा जाए, मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ आशुतोष श्रीवास्तव के पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाए।
कैंडल मार्च में श्रीष मोदनवाल, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह, विनोद साहू, राकेश अग्रहरि, अक्षत अग्रहरि, नीरज अग्रहरि, सुशील सेठ बागी, अमलेन्द्र गुप्ता, प्रणय तिवारी, आनंद सिंह, श्याम चन्द्र यादव, राजेश चैबे, अजीम सिद्दीकी, प्रवीण श्रीवास्तव, मुन्ना त्रिपाठी, विवेक श्रीवास्तव, सुरेश कुमार, मोनू श्रीवास्तव, निशा नाथ, धीरज पाटिल, औरंगजेब खान, राकेश शर्मा, जया अनवर, फैजान अंसारी, प्रधान मुकेश राजभर, पूर्व प्रधान मो. राशिद, पूर्व प्रधान आनन्द बरनवाल, मनीष गुप्ता, संदीप जायसवाल, लायन्स अध्यक्ष मनीष अग्रहरि, संस्कार भारती अध्यक्ष कृष्णकान्त सोनी, भारत विकास परिषद अध्यक्ष विकास साहू, संगम पांडेय, शिवशंकर दुबे, मो. अब्बास, अनिल मोदनवाल, सर्वेश शास्त्री, चंदन अग्रहरि आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस अधीक्षक जौनपुर को आशुतोष श्रीवास्तव हत्याकांड में जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल, शुक्रवार को यह खबर लिखने तक सिकंदर आलम को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी और न ही इस मामले का अन्य कोई आरोपित पकड़ में आया था।


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