रमेश प्रसाद श्रीवास्तव/ राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुजफ्फरपुर। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 116वीं जयंती पर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन मुजफ्फरपुर ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक व्याख्यानमाला आयोजित किया गया। सोमवार को थियोसोफिकल लाज नया टोला में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्मेलन अध्यक्ष चित्तरंजन सिन्हा कनक ने की। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
श्री सिंह ने दिनकर को साहित्याकाश का सूर्य बताते हुए कहा कि वे राग और आग के कवि थे। वे ओज, आक्रोश और क्रांति के कवि थे। उनकी कविताओं में अगर एक ओर ओज है तो दूसरी ओर प्रेम और सौंदर्य भी है। कार्याध्यक्ष डॉ शारदाचरण ने कहा कि उन्होंने दिनकर जी की छांव तले बैठकर कविता की बारिकियों को सीखा है। वे उत्तर छायावाद के शिखर कवि थे। उनकी कविताएं वीर और श्रृंगार रस की युगलबंदी है। वे हमारे प्रेरणास्रोत हैं।
डॉ विनोद कुमार सिन्हा, डॉ लोक नाथ मिश्र, डॉ प्रियंवदा दास, आचार्य चंद्र किशोर पराशर, मधु मंगल ठाकुर, डॉ वंदना विजय लक्ष्मी, प्रेम कुमार वर्मा, साहित्य मंत्री देवेन्द्र कुमार, वित्त मंत्री उत्तम कुमार, प्रचार मंत्री गणेश प्रसाद सिंह, डॉ हरि किशोर प्रसाद सिंह और डॉ बीके मल्लिक ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर साहित्य जगत की आन बान और शान हैं। संगीता सिन्हा, उमानाथ सिंह एवं अन्य आगत सम्मानित वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन मुजफ्फरपुर के मीडिया मंत्री रमेश प्रसाद श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया।


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