राष्ट्रीय जनमोर्चा सम्वाददाता
गौतम बुद्धनगर। महिला उन्नति संस्था के संस्थापक डॉ. राहुल वर्मा ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करते हुए कहा है कि दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा जहरीली हो चुकी है। इसके लिए जहां एक तरफ़ पंजाब एवं हरियाणा के किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली और दीपावली पर की गयी आतिशबाजी जिम्मेदार है, वहीं हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में रच बस चुके कूड़े-कचरे की गंदगी भी है।
उन्होंने कहा कि जिला गौतमबुद्धनगर के कमोबेश हर गांव और कस्बे का यही हाल है। जिधर देखो, कचरे के ढेर लगे हैं। पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये प्रचार में खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सच्चाई धरातल पर देखोगे तो स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। लोग गंदगी में जीने को मजबूर हैं। जहां एक तरफ़ इसके जिम्मेदार हम स्वयं हैं जो कचरे को उचित स्थान (जहां उपलब्ध है) पर नहीं डालते, वहीं दूसरी तरफ़ प्रशासन का सफाई के प्रति लचर रवैया भी है। गांवों में प्रशासन द्वारा कूड़े के लिए कोई स्थान चिन्हित न होने के कारण हर गली-नुक्कड़ पर कचरा फैला है। पानी की उचित निकासी न होने के कारण गंदा पानी जगह-जगह भरा रहता है। नियमित सफाई न होने से हालत और बिगड़ जाते हैं। संस्था ने प्राधिकरण से अपील की है कि गावों में कचरा डालने के लिए स्थान चिन्हित करे और नियमित सफाई कराई जाए। इस अवसर पर संस्था के सचिव देवेंद्र चंदीला, अरुन भाटी आदि उपस्थित रहे।


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