राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुजफ्फरपुर। आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री न्यास मुजफ्फरपुर और रजा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में निराला निकेतन परिसर में आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की 109वीं जयंती मनाई गई। समारोह में प्रख्यात कवि-चिंतक मदन कश्यप ने आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की कविताओं के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि आचार्य ने हिन्दी गीत विधा को उत्कर्ष पर पहुंचाया। उन्होंने निराला का प्रभाव ग्रहण करते हुए अपने गीतों और कविताओं में नये रूप और आयाम दिये।
कश्यप ने कहा कि शास्त्री श्री के काव्य में गहरी आत्मालोचना, आधुनिकता और समय- संदर्भों के प्रति सजगता दिखायी देती है। उनका गद्यकार रूप भी अत्यंत समर्च और अर्थवान है। समारोह में उपस्थित आजकल के पूर्व संपादक व चर्चित कवि राकेश रेणु ने कहा कि आचार्य श्री कविता को मूल मानते थे और कनिवा के रूप में आये बदलाव की कविता का सहज विकास।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम दो सत्र में चला। प्रथम सत्र में प्रो. रिपुसूदन श्रीवास्तव, प्रो. रामप्रवेश सिंह, प्रो. गोपेश्वर सिंह, प्रो. पूनम सिंह एवं डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। द्वितीय सत्र में डॉ. हरि किशोर प्रसाद सिंह के कहानी संग्रह ‘बिखरे लाल गुलाब’ का लोकार्पण किया गया। साथ ही कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि मदन कश्यप, प्रो. रवीन्द्र उपाध्याय, प्रो. पूनम सिंह डॉ. भावना सरीरखे कवि- कवयित्रियों ने अपनी कविताएं पढ़ी।

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