डॉ. के. विक्रम राव का जाना भारतीय पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति : जितेन्द्र बच्चन

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. विक्रम राव का सोमवार 12 मई की सुबह निधन हो गया। वह करीब 87 वर्ष के थे और सांस तथा किडनी संबंधी समस्या से ग्रसित थे। आज सुबह हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारिता के पुरोधा डॉ़. राव के निधन पर गहरा शोक जताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
डॉ राव तेलुगूभाषी दक्षिण भारतीय ब्राह्मण और बहुत विनम्र स्वभाव के थे। परिवार में दो पुत्र एक पुत्री और पत्नी डॉ. सुधा राव हैं। के. विक्रम राव को पत्रकारिता विरासत में मिली थी। उनके पिता के. रामाराव नेशनल हेराल्ड के संस्थापक संपादक और सांसद भी रहे हैं। स्वयं डॉ राव की कलम में गजब की धार थी। खासकर अंग्रेजी और हिंदी में उनका हमेशा जलवा कायम रहा। पत्रकार हितों के लिए आजीवन लड़ते रहे।
पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने डॉ़. के विक्रम राव के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा है कि डॉ. राव का जाना भारतीय पत्रकारिता की अपूरणीय क्षति है। श्रमजीवी पत्रकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले आदरणीय राव साहब भले ही हमारे बीच अब नहीं हैं लेकिन उनके विचार और उनका व्यक्तित्व हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। अग्रज के. विक्रम राव को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि!

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