राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम ने हाउस टैक्स (गृहकर) बढ़ा दिया है, जिससे जनता में भारी रोष है। सभी आरडब्ल्यूए इसके लिए लामबंद हो रहे हैं। शीघ्र ही डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा जाएगा। शिप्रा सन सिटी के पूर्व अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव ने मनमाने तरीके से बढ़ाए गए हाउस टैक्स का पुरजोर विरोध करते हुए कहा है कि निगम का यह फैसला किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर नगर निगम अपने निर्णय को वापस नहीं लेता है तो हम इस मामले को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद के अनेक लोग बढ़े हुए हाउस टैक्स का विरोध कर रहे हैं। लोगों के विरोध को देखते हुए पार्षदों ने भी हाउस टैक्स में की गई बढ़ोतरी के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इससे पहले हाउस टैक्स बढ़ाने के निर्णय को पूर्व पार्षद राजेन्द्र त्यागी, हिमांशु लव आदि ने भी इसे नियम विरुद्ध बताया था। नगर के कई सामाजिक संस्थाएं एवं जनहित में कार्य रहे संगठन भी हाउस टैक्स की नई नीति का विरोध कर रहे हैं।
बुधवार, 21 मई को समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेशनल कोऑर्डिनेटर व शिप्रा सन सिटी के पूर्व अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि यहां सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा पानी के चार्ज का है। लेजर में पानी का टैक्स रु. 2400 से अधिक दिखाया गया है। लेकिन क्या हमें वास्तव में गंगा जल की आपूर्ति हो रही है? हकीकत में, हमें जो पानी मिल रहा है, वह ज्यादातर बोरवेल से आ रहा है, जिसकी टीडीएस मात्रा 2800 से अधिक है। इसके बावजूद हमसे इतना अधिक पानी टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा मनमाने तरीके से बढ़ाए गए हाउस टैक्स का हम पूरी ताकत से विरोध करते हैं।

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