राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नोएडा। यहां के नामचीन मानव रचना इंटरनेशन स्कूल से जुड़ा एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि इस स्कूल में बच्चों का मानसिक उत्पीड़न और और अभिभावकों टारगेट किया जाता है। सूबे की सरकार ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे क्रूर अपराध बताने के साथ स्कूल के संबंधित स्टाफ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच के आदेश जारी करने के साथ 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की है।
आरोप है कि अधिकांश शिक्षक आए दिन बच्चों से दुर्व्यवहार करते हैं। अभिभावकों द्वारा समय-समय पर शिक्षकों के इस दुर्व्यवहार की शिकायत स्कूल प्रबंधकों से भी की जाती रही है, लेकिन कक्षा में बच्चों से शिक्षकों के दुर्व्यवहार की शिकायतें आम हैं। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार को कक्षा 2 में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ क्लास टीचर ने न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि उसके अभिभावकों के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणी की। आरोप है कि शिक्षिका ने अपना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कक्षा के बाहर भी जारी रखते हुए इस प्रकरण को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया। देर शाम शिक्षिका ने छात्रा के अभिभावकों को टारगेट करते हुए फोन कर बच्ची के साथ-साथ उन्हें भी शारीरिक रूप से दंडित करने की बात दोहराई। बच्ची की मां से उन्होंने कहा कि बच्ची की गलती की पुनरावृत्ति पर आपको भी थप्पड़ मारे जाएंगे।
बुधवार को डरी सहमी बच्ची स्कूल जाने के लिए राजी नहीं हुई। मां बाप द्वारा पूछने पर उसने पहले दिन कक्षा में घटी घटना का विवरण माता-पिता को दिया। जिसके बाद अभिभावकों को प्रकरण की गंभीरता का पता चला। अभिभावकों द्वारा प्रकरण की जानकारी स्कूल प्रबंधकों को दी गई। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद अभिभावकों द्वारा इस प्रकरण की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक व शिक्षा मंत्री सहित उच्चाधिकारियों को दी गई। जिसके बाद इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आधिकारिक स्तर पर इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही राज्य के बेसिक मंत्री संदीप सिंह ने इस प्रकरण पर टिप्पणी करते हुए इसे गंभीर व अमानवीय बताया। सूबे के पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की पैरवी की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि उनके संज्ञान में यह प्रकरण आया है। अविलंब जांच कर दोषियों को दंडित करवाया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि किसी भी स्कूल को बच्चों और अभिभावकों को टारगेट करने की इजाजत नहीं है। दूसरी तरफ ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ ने स्कूल का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया, मगर किसी ने फोन नहीं उठाया।

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