राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
खुरजा (बुलंदशहर)। जंक्शन रोड स्थित रामलीला मैदान में विजय दशमी का महापर्व धूमधाम से मनाया गया। हजारों की भीड़ के बीच श्री राम लीला कमेटी खुरजा के तत्वाधान में मां काली की प्रकट लीला, अहिरावण का अंत और फिर श्री राम-रावण के बीच हुआ भीषण युद्ध। अंतत: रावण मारा गया, उसका पुतला धू-धूकर जला। असत्य पर फिर सत्य की जीत हुई। विभीषण का राजतिलक और सीता माता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ी। उसके बाद श्री राम सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे। आचार्य वेद प्रकाश के निर्देशन में की गई इस लीला का संजीव मंचन देखकर राम भक्त भावविभोर हो उठे।
लक्खी मेले में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगर के श्रद्धालुओं के बीच मां काली का प्रदर्शन रामलीला मैदान से पंचवटी तक देखा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बुलंदशहर के सांसद डॉक्टर भोला सिंह उपस्थित रहे। रामा दल लंका को वानर सेना के साथ घेरे हुए है। लंकेश समाप्त होती सेना और कुल के विनाश से परेशान भाई अहिरावण के पास जाता है। अहिरावण भेष बदलकर रामादल में निद्रा में लीन श्रीराम और लक्ष्मण को उठाकर पाताल लोक ले जाता है। हनुमान को पता चलता है तो वह अहिरावण को मारकर श्रीराम लक्ष्मण को वापस लाते हैं।
अंतत: रावण खुद युद्ध भूमि में आता है। राम से उसका भीषण युद्ध होता है। श्री राम द्वारा बार-बार रावण के दशों शीश और बीसों भुजाएं काटने पर भी वह पुनः जीवित हो उठते हैं। श्री राम चकित रह जाते हैं। तब विभीषण इसका भेद बताते हैं। श्री राम उसकी नाभि में वाण मारते हैं। इसी के साथ रावण का अंत हो जाता है। असत्य पर सत्य की जीत होती है। श्री राम के जयकारों से दशो दिशाएं गूंज उठती हैं। आकाश से सभी देवता पुष्प वर्षा करते हैं। श्री राम विभीषण का राजतिलक कर लंका का राजपाट उन्हें सौंप देते हैं और फिर अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं।
रामलीला मैदान की सुरक्षा व्यवस्था बेहतरीन रही। एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय, एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ पूर्णिमा सिंह, कोतवाली प्रभारी पंकज राय स्वयं मौके पर उपस्थित रहे। साथ ही पुनीत साहनी प्रधान, दीपक गर्ग जनरल मैनेजर, सचिन बंसल कोषाध्यक्ष, सचित गोविल महामंत्री, सेठ अखिलेश जटिया, विनीत आर्य सोशल मीडिया प्रभारी, रजत अग्रवाल प्रिंट मीडिया प्रभारी, भारत भूषण शर्मा दशहरा इंचार्ज, कुशाग्र अग्रवाल दशहरा संयोजक, डीसी गुप्ता कांटे वाले, भगवत पोद्दार, उमा शंकर अग्रवाल, प्रमोद वर्मा, आशीष गोयल, रवि अग्रवाल, अशोक टिम्मी, अशोक पालीवाल, अरुण बिंदा वाले, योगेश मित्तल, राजेश शर्मा, चमन लाल जुनेजा सभासद, आकाश सभासद, गोलू माहोर सभासद, विशाल वाधवा, हरजीत सिंह टीटू, संजीव बंसल, वासुदेव शर्मा, ब्रजेश प्रजापति, रमाकांत, महेश पोद्दार, राजीव वार्ष्णेय, डॉक्टर अनिल, अनमोल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, शेखर वर्मा, डीसी अग्रवाल, राजीव वर्मा, पवन गुप्ता, मनीष गुप्ता, शिवम कालरा, अजय शर्मा, नवीन राजपूत, भारत भूषण शर्मा, देवेंद्र आर्य, महेश भार्गव, विकास वर्मा, शुभम, ललित, विनोद पहलवान, आस्वानी खट्टर, सतीश शर्मा, अखिलेश, महेश चौधरी, रंजन वाधवा, विशाल पोद्दार, नवीन कुमार एडवोकेट आदि सदस्यों का लीला मंचन में सहयोग रहा।


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