37 कवयित्रियों को ‘देवप्रभा साहित्य गौरव सम्मान’ से नवाजा

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। मोहन नगर स्थित आईटीएस सभागार में देवप्रभा प्रकाशन द्वारा एक सम्मान समारोह में 37 कवयित्रियों सहित 46 विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही कवयित्रियों की कविताओं के साझा काव्य संग्रह कविता अविराम-8 का लोकार्पण भी हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मधु चतुर्वेदी ने देवप्रभा प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कि मुझे सरल भाषा में बोलना है। लेकिन, सरल बोलना बहुत कठिन है। उन्होंने कहा कि हमारा नामकरण हमारे काम के आधार होना चाहिए, जो हमारा नाम पैदा होने पर रखा जाता है वह हमारा नाम नहीं होता, वह किसी और का नाम होता है, जिसे लेकर हम जीवन भर चलते हैं।
एसोचैम उत्तर प्रदेश की टैक्सेशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. पी. कुमार मुख्य अतिथि और अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर बुलंदशहर उपस्थित रहे। प्रकाशक डॉ. चेतन आनंद ने सभी कवयित्रियों को ‘देवप्रभा साहित्य गौरव सम्मान-2025’ से सम्मानित करते हुए उन्हें शॉल, स्मृति चिह्न, मोतियों की माला और सम्मान पत्र प्रदान किया।
सुविख्यात कवयित्री डॉ. रमा सिंह, गांधर्व संगीत महाविद्यालय की निदेशक डॉ. तारा गुप्ता, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली की सहायक निदेशक डॉ. चेतना वशिष्ठ, सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ. राकेश सक्सेना, सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. तूलिका सेठ एवं आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक गंगाराम बतौर विशिष्ट अतिथि समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवयित्री कुसुम लता पुंडोरा ‘कुसुम’ ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. पी कुमार ने कहा कि कविता मनुष्यता को जन्म देती है। कविता से सकारात्मक समाज की रचना होती है। जबकि सीएल बरेजा ने कहा कि 70 साल बाद अब वह समय आ गया है, जब हिंदी को उसका असली दर्जा मिल रहा है और हिंदी को सम्मान दिया जा रहा है।
इनका हुआ सम्मान :
डॉ. रमा सिंह, डॉ. मधु चतुर्वेदी, डॉ. सुनीता सक्सेना, डॉ. चेतना वशिष्ठ, पूनम सागर, कुसुम लता पुंडोरा कुसुम, अंजलि चड्ढा भारद्वाज, रजनीश गोयल, सिद्धि डोभाल सागरिका, आशा भट्ट, ज्योति बिष्ट जिज्ञासा, गरिमा आर्य, ज्योति किरण राठौर, नीलम डिमरी, पूजा श्रीवास्तव, विमला राणा, अनुराधा राणा, दीपिका वाल्दिया, नितिका कंडारी, शिखा खुराना कुमुदिनी, सुनीला नारंग बहुरंगी, संगीता चमोली इंदुजा, वर्णी पाल निर्झरा, डॉ. सुरुचि सैनी सुरू, डॉ. सरिता गर्ग सरि, अर्चना झा, संगीता वर्मा, अर्चना गुप्ता, अर्चना मेहता, मंजुलता गोला मंजुल, सीमा सागर शर्मा, रजनी बाला, बारती शर्मा, सीमा शर्मा मंजरी, मधु शर्मा मधुर, राजरानी भल्ला और विजय ल़क्ष्मी।

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