इंदिरापुरम में कायस्थ समाज ने मनाया 22वां कलम दावत श्री चित्रगुप्त पूजा

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। शिप्रा कायस्थ महासभा द्वारा इंदिरापुरम में 22वां कलम दावत एवं श्री चित्रगुप्त पूजन समारोह का आयोजन किया गया। शिप्रा रिवेरा में गुरुवार को यम द्वितीया और भाई दूज के अवसर पर सभी लोगों ने बड़ी धूमधाम से कलम दावत व भगवान चित्रगुप्त का यह उत्सव मनाया।
शिप्रा कायस्थ महासभा (SKM) के संयोजक अनुरंजन श्रीवास्तव ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि समस्त प्राणियों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले श्री चित्रगुप्त देवता हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनका जन्म भगवान ब्रह्मा के मन और चित्त से हुआ था और वे उनके 17वें पुत्र माने जाते हैं। वे कायस्थ समुदाय के संरक्षक और धर्म व न्याय के देवता भी कहलाते हैं।
उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय समारोह बुधवार 22 अक्टूबर की शाम शुरू हुआ था, जो शुक्रवार 24 अक्टूबर को भगवन श्री चित्रगुप्त की प्रतिमा विसर्जन के साथ संपन्न होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों के विभिन्न प्रकार के खेलकूद प्रतियोगताओं के साथ हुआ। स्पोर्ट्स, ड्राइंग, डिबेट, कुइज़, क्रिएटिव राइटिंग, स्पीकिंग, मेन्टल हेल्थ, कविता इत्यादी प्रतियोगताओं में बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया।
अनुरंजन श्रीवास्तव के अनुसार, गुरुवार 23 अक्टूबर को शिप्रा रिवेरा में निर्धारित समारोह स्थल पर भव्य पंडाल बनाकर भगवन श्री चित्रगुप्त की प्रतिमा स्थापित की गई। सुबह 100 से अधिक कायस्थ परिवारों ने सामूहिक रूप से कलम दावत और भगवन श्री चित्रगुप्त जी की पूजा-अर्चना की। उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। शाम की आरती हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी ने मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर के कायस्थ शामिल रहे। सभी का संस्था ने स्वागत किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक समिति के मुख्य रूप से अनुरंजन श्रीवास्तव, डॉ विवेक कुमार, धीरज सहाय, विवेक वर्मा, प्रकाश कर्ण, प्रमोद श्रीवास्तव, कमलेश कर्ण, पुनीत सक्सेना, विवेक श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, सुमित कुमार, ऋतू सक्सेना, नम्रता वर्मा, आकांक्षा सिन्हा, निम्मी कर्ण, शैलजा श्रीवास्तव, दीपा श्रीवास्तव एवं दीप्ति श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। शुक्रवार 24 अक्टूबर को भगवान चित्रगुप्त जी की मूर्ति को विसर्जित किया जाएगा।

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