राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। कवि नगर स्थित जैनमती उजागर मल इन्टर कॉलेज में साहित्यिक संस्था ‘सम्प्रति’द्वारा कीर्तिशेष नवगीतकार देवेन्द्र शर्मा ‘इन्द्र’की स्मृति में एक विशुद्ध साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नवगीतकार राजेन्द्र गौतम को प्रथम सम्प्रति सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल के साथ-साथ सम्प्रति सम्मान से नवाजा गया।
कीर्तिशेष देवेन्द्र शर्मा ‘इन्द्र’के चित्र पर माल्यार्पण के बाद समारोह के प्रथम सत्र में इन्द्र जी पर केंद्रित चर्चा के दौरान नवगीतकार राजेन्द्र गौतम, योगेंद्र दत्त शर्मा, वेद शर्मा ‘वेद’, जगदीश पंकज, राहुल शिवाय, बी. के. वर्मा ‘शैदी’ने उनसे जुड़ी स्मृतियों एवं उनकी रचनाधर्मिता पर विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत किये। राजेन्द्र गौतम ने उनकी रचनात्मकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देवेन्द्र शर्मा ‘इन्द्र’को समझने के लिए उनके सम्पूर्ण कृतित्व को समग्रता के साथ केंद्र में रखकर ही समझ जा सकता है।
शायर बी. के. वर्मा ‘शैदी’ने बताया कि इन्द्र जी द्वारा उनको दिए गए प्रोत्साहन का परिणाम है कि वह उर्दू की शायरी के साथ-साथ दोहों पर सिद्धहस्त हो सके। युवा साहित्यकार एवं प्रकाशक राहुल शिवाय और चर्चित आलोचक वेद शर्मा ‘वेद’ने भी इन्द्र जी से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए वक्तव्य प्रस्तुत किया। नवगीतकार योगेंद्र दत्त शर्मा और जगदीश पंकज ने इन्द्र जी के लेखन पर प्रकाश डालते हुए उनसे जुड़ी स्मृतियों को साझा किया।
कार्यक्रम में डॉ भावना तिवारी के सद्य प्रकाशित नवगीत संग्रह ’मौन ये महंगा पड़ेगा’का लोकार्पण भी हुआ। समारोह के द्वितीय सत्र में काव्य-पाठ का आयोजन हुआ। राजेन्द्र गौतम, बी. के. वर्मा ‘शैदी’, योगेंद्र दत्त शर्मा, जगदीश पंकज, विपिन जैन, वेद शर्मा ‘वेद’, ईश्वर चंद्र तेवतिया, अनिमेष शर्मा ‘आतिश’, डॉ. चेतन आनंद, ब्रजेश सिंह, विज्ञान व्रत, कानपुर की नवगीतकार डॉ मंजुलता श्रीवास्तव, राहुल शिवाय, तूलिका सेठ, पीयूष कान्ति, अरुण चंद्र राय, प्रवीण कुमार, दीपक श्रीवास्तव‘नीलपद्म’आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। सम्प्रति के अध्यक्ष योगेंद्र दत्त शर्मा ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। प्रथम सत्र का संचालन ईश्वर सिंह तेवतिया तो द्वितीय सत्र का संचालन जगदीश पंकज ने किया।


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