राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। देश आज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ पर सैनिकों के साहस एवं शौर्य को नमन कर रहा है। प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) के चेयरमैन एवं समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह ने भी वीर सैनिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दिन सिर्फ एक सैन्य अभियान की याद नहीं, बल्कि उन जांबाजों के अदम्य साहस का सम्मान है, जिन्होंने देशहित को सर्वोपरि रखा था। हमारे भारतीय सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के प्रतीक हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सरहदों की रक्षा करते हैं।
गुरुवार, 7 मई 2026 को डॉ. भरत सिंह ने कहा कि देश की सरहद पर डटे वीर जवानों पर हर भारतीय को गर्व है। उनका साहस, त्याग और देशभक्ति हमें सुरक्षित जीवन जीने का भरोसा देता है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में दिखाई देती है। सैनिकों का जीवन त्याग, अनुशासन और समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।”
उल्लेखनीय है कि पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। इसके बाद भारतीय सेना ने आतंकी हमले का जवाब अद्भुत सैन्य कार्रवाई के जरिए दिया। भारतीय सेना ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के अंदर छिपे कई आतंकियों को मार गिराया गया।
डॉ. भरत सिंह ने कहा है कि 7 मई 2025 को हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ देशवासियों को उन बहादुर सैनिकों की याद दिलाती है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा का संकल्प निभाया। भारतीय सेना का हर जवान देश की आन-बान-शान का प्रतीक है। उनके हौसले की वजह से ही देश का हर नागरिक चैन की नींद सो पाता है। जय हिंद!


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