राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी युवाओं को आईएएस (IAS) की परीक्षा की तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार फ्री कोचिंग दे रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सत्र 2026-27 के लिए समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश में संचालित आठ आवासीय नि:शुल्क IAS परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में प्रवेश के लिए सम्मिलित प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है।
प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह का मानना है कि प्रदेश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है।
डॉ. भरत सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाना है, जो आर्थिक अभाव के कारण उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते। इससे न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में उत्तर प्रदेश की भागीदारी भी लगातार मजबूत हो रही है। पात्र युवाओं को इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाना चाहिए।

गाजियाबाद के जिला समाज कल्याण अधिकारी संदीप चौधरी ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 मई 2026 से शुरू हो गई है, जो 18 जून 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट समाज कल्याण विभाग वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश पत्र 25 जून 2026 से डाउनलोड होंगे और प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई 2026 को होगी। नतीजे 28 जुलाई 2026 तक संभवित है और नया शैक्षणिक सत्र 01 अगस्त 2026 से शुरू हो जाएगा।
श्री चौधरी के अनुसार, इन आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में चयनित अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क आवास होगा और भोजन दिया जाएगा। पुस्तकालय, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन क्लासेज, टेस्ट सीरीज आदि की व्यवस्था होगी। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की विशेष तैयारी कराई जाएगी, जिसकी कोई फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ IAS अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन भी किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
आर्थिक कमजोर छात्रों के लिए संचालित हो रही कोचिंग में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थी (जिनके परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये या उससे कम हो) शामिल हो सकते हैं।


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