राष्ट्रीय जनमोर्चा। ब्यूरो
मुंबई। महान कलाकार नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। डोना पाउला (गोवा) के एक निजी अस्पताल में उन्हें दाखिल कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर छा गई है।
दिग्गज अभिनेता गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश पाए गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया। खबर है कि नाना को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
उल्लेखनीय है कि नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उनकी पहली फिल्म ‘गमन’ थी। लेकिन 1986 में रिलीज हुई ‘अंकुश’ ने उन्हें पहचान दिलाई। उन्होंने अपने करियर में हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी काम किया। ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई और अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
नाना पाटेकर ने सिर्फ संजीदा ही नहीं, कॉमिक और नकारात्मक किरदार भी निभाए। ‘परिंदा’ में एक गैंगस्टर के किरदार ने उन्हें इंडस्ट्री में स्थापित किया और फिर ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में एक्शन अवतार दिखाया।


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