राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नई दिल्ली। सीरियन ऑब्जर्वेटरी के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर ने बताया है कि सीरिया में सरकार समर्थित बलों का तुर्की की सेनाओं के साथ टकराव चरम पर पहुंच गया है। तुर्की की सेनाओं ने सीरिया में सरकार समर्थित बलों पर जोरदार जमीनी और हवाई हमला बोला है, जिनमें बीते 24 घंटे में 48 सीरियाई सैनिकों की मौत हो गई है।
सीरियाई और रूसी युद्धक विमानों ने तुर्की के समर्थित विद्रोहियों और दमिश्क के बीच हाल के दिनों में गहन लड़ाई के केंद्र बने पूर्वी इदलिब शहर पर शनिवार को भी हवाई हमले किए। जबकि समाचार एजेंसी एएफपी ने तुर्की के एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी है कि तुर्की ने उत्तर पश्चिमी सीरिया में एक रासायनिक अस्त्र केंद्र पर हमला करके उसे नष्ट कर दिया है। अधिकारी के मुताबिक सीरियाई सरकार की ओर से किए हवाई हमलों में तुर्की के कई सैनिकों के हलाक होने के बाद यह जवाबी कार्रवाई सामने आई है।
अधिकारी ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तुर्की सेना ने रात के वक्त अलेप्पो से 13 किलोमीटर दूर एक रासायनिक अस्त्र केंद्र के साथ-साथ सीरियाई सरकार के दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया। सीरियाई सरकार की ओर से की गई गोलीबारी में तुर्की का एक सैनिक हलाक हो गया। उल्लेखनीय है कि सीरिया ने इस हफ्ते की शुरुआत में तुर्की बलों पर करारा हमला बोला था, जिसमें तुर्की के 33 सैनिकों की मौत हो गई थी। अब तुर्की के एक और सैनिक के मारे जाने की यह नई घटना है।
सीरियाई सैनिक करीब एक हफ्ते से इदलिब प्रांत में लड़ाई लड़ रहे हैं जो विद्रोहियों का गढ़ माना जाता था। इदलिब प्रांत की सीमा तुर्की से सटी है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक इदलिब प्रांत में सीरियाई हवाई हमले में तुर्की के 33 सैनिकों की हलाकत के बाद रूस और तुर्की के बीच कल शुक्रवार को बताचीत हुई। फोन पर हुई बातचीत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता की मानें तो एर्दोआन अगले हफ्ते बातचीत करने के लिए मॉस्को का दौरा कर सकते हैं। फिलहाल, तुर्की इन हमलों का दोष सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद सरकार पर मढ़ा है।


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