राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शनिवार की सुबह जारी आदेश को शाम होते-होते वापस ले लिया गया। केन्द्र सरकार ने कोरोना से मौत होने पर परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही थी। इस फैसले से यूटर्न लेते हुए इसे खारिज कर दिया और शाम को संशोधन के साथ सभी राज्यों को दोबारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
दरअसल, गृह मंत्रालय ने सभी प्रदेशों को राज्य आपदा राहत कोष को कोरोना वायरस के बचाव में लगाने व बचाव के तरीकों पर खर्च करने के संबंध में सभी राज्यों के सचिवों को दोबारा संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें चार लाख मुआवजा देने का प्रावधान हटा दिया गया है। नई चिट्ठी के मुताबिक कोरोना से प्रभावित क्वारंटाइन की व्यवस्था, लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था, उनकी जांच पर होने वाले खर्च, कोविड-19 की जांच के लिए लैब की स्थापना, स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना, थर्मल स्क्रीनिंग की मशीनें, एयर प्यूरीफायर, वेंटीलेटर और अस्पतालों के खाने पर प्रदेश राज्य आपदा राहत कोष से फंड खर्च कर सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भी कोरोना का इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है।


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