जनता कर्फ्यू: देशभर में सन्नाटा

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो

  • 7 करोड़ व्यापारियों और उनके 40 करोड़ कर्मचारियों ने घर पर रहने का फैसला किया है
    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा पर जनता कर्फ्यू के दौरान आज रविवार को पूरे देश में सन्नाटा छाया हुआ है। करीब 7 करोड़ व्यापारियों और उनके 40 करोड़ कर्मचारी भी घर में ही मौजूद हैं। इस बीच कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नेशनल लॉकडाउन की घोषणा करने का आग्रह किया है।
    उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण बनी संकट की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की अपील की थी। उसी के मद्देनजर आज रविवार को पूरे देश में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ रहेगा। देशभर के लोगों ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लडऩे की कमर कस ली है। जनता कर्फ्यू का असर बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक पूरे देश में देखने को मिल रहा है। देश के सभी राज्यों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
    ‘जनता कर्फ्यू’ के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज वर्क फॉम होम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की भी अपील की है। ट्वीट कर कहा है, ‘मैं सभी से अपील करता हूं कि आपात स्थिति और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को छोडक़र घर रहने या वर्क फ्रॉम होम करने कि अपील करता हूं। जनता कर्फ्यू के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करें।’
    जनता कर्फ्यू का असर देश में दिखने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश,पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में सडक़ें सुनसान पड़ी हुई हैं। इस बीच दिल्ली में बाहर निकले लोगों को पुलिसवाले फूल देकर घर में रहने का अनुरोध कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के डोडा में सडक़ें खाली नजर आईं। जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की है। वहीं रेलवे ने जनता कर्फ्यू पर अमल करते हुए 21 मार्च की आधी रात से 3700 ट्रेनें स्थगित कर दी हैं। ये ट्रेनें 22 मार्च रात दस बजे तक नहीं चलेंगी।
    संक्रमण अधिकांश विदेश से आने वाले यात्रियों की वजह से देखने को मिला है। इसे देखते हुए भारत ने पूरी दुनिया से अपना संपर्क एक तरह से काट लिया है। अब विदेश में फंसे भारतीयों को लाने के लिए आने-जाने वाली विशेष उड़ानों के अलावा किसी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को एक सप्ताह तक उतरने की इजाजत नहीं होगी। जनता कर्फ्यू के लिए कई निजी एयरलाइनों ने भी रविवार को अपनी उड़ानों में बहुत कमी कर दी है। इसी तरह भारत ने नेपाल और पाकिस्तान से लगी अपनी सडक़ सीमाओं को भी बंद कर दिया है। नेपाल के लिए केवल आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की छूट होगी।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार की सुबह ट्वीट कर कहा, ‘जनता कर्फ्यू शुरू हो रहा है। मेरी विनती है कि सभी नागरिक इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें और कोरोना के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाएं। हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा। बता दें कि ये 14 घंटे पूरे देश के लिए बेहद अहम हैं। इस दौरान देशवासियों का संयम एक बड़ी महामारी के चक्र को तोडऩे में सहायक हो सकता है।’ उनकी इस अपील पर चौतरफा सकारात्मक पहल दिख रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और दिल्ली समेत सभी राज्य सरकारों ने जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी तरफ से कदम उठाने का एलान किया है। दिल्ली ने जहां दिहाड़ी कामगारों को मुफ्त राशन देने और पांच से अधिक लोगों के इकठ्ठा होने पर पाबंदी की घोषणा की है, वहीं अन्य राज्यों ने लोगों से रविवार को अपने घरों में ही रहने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। निजी कंपनियों, व्यापारी संगठनों ही नहीं अधिकांश राजनीतिक दलों, बॉलीवुड हस्तियों से लेकर उद्योग जगत के प्रमुख चेहरों ने भी जनता कर्फ्यू का पूरा समर्थन करने का एलान किया है।
    मोदी की अपील और ऐतिहासिक पल:
    कर्फ्यू का आशय लोगों को उनके घरों में रोके रहना होता है। आमतौर पर कानून एवं व्यवस्था से जुड़े मामले में प्रशासन की ओर से इसकी घोषणा होती है। इस बार देश को एक महामारी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर ऐसा हो रहा है। यह ऐतिहासिक पल है जब जनता स्वेच्छा से कर्फ्यू का हिस्सा बन रही है।

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