नई दिल्ली। कोराना वायरस के संकट से पूरी दुनिया इस समय जूझ रही है। देश-प्रदेश सब जगह इस महामारी का प्रकोप है। लोगों को बचाने में लगे डॉक्टर, सफाईकर्मी और पुलिसकर्मियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 50 लाख रुपये का बीमा कवर देने का ऐलान किया है। लेकिन पत्रकारों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है। पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन ने इस मुद्दे को उठाते हुए शनिवार को सरकार को एक पत्र जारी करते हुए मांग की है कि सभी पत्रकारों को विशेष बीमा योजना में शामिल किया जाए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने कहा है कि कोविड-19 की खबर देने के लिए देश के पत्रकार फील्ड से रिपोर्ट भेज रहे हैं। लोगों से मिलकर जानकारी संकलित कर रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कहते हैं कि मीडियाकर्मी खतरे का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद अपने फर्ज पर डटे हैं। उन्होंने पूछा है कि फिर पत्रकारों की उपेक्षा क्यों की जा रही है?
बच्चन ने बताया कि 27 मार्च को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकार सम्मान पेंशन योजना की शुरुआत की है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी कई तरह की पत्रकारों को सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। कुछ सुविधाएं अगर दी भी जाती हैं तो वह मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक ही सीमित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को दोयम दर्जे का न माना जाए। महामारी के खिलाफ जंग में इनकी भी उतनी ही जिम्मेदारी है। इनके साथ भेदभाव करना नाइंसाफी होगी। बच्चन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्र सरकार से अपील की है कि विशेष बीमा योजना में सभी पत्रकारों का नाम शामिल किया जाए। इससे पत्रकार और सशक्त होकर अपना काम कर सकेंगे।


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