प्रधानमंत्री ने किया ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का शुभारंभ

  • 6 राज्य के 116 जिले में लौटे प्रवासी श्रमिकों को होगा लाभ
    -बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री मौजूद रहे
    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिए शुभारंभ किया। दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान को प्रधानमंत्री ने रिमोट द्वारा बिहार के खगड़िया जिले के ब्लॉक बेलदौर के गांव तेलिहार से शुरुआत की। योजना के शुभारंभ के बाद उन्होंने देश के गांव और ग्रामीणों के प्रयासों की प्रशंसा की जो कोविड-19 से पूरे साहस के साथ सामना कर रहे हैं।
    प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी मजदूरों से बात भी की और गरीबों को सरकार की ओर से मुफ्त राशन मिलने के बारे में चर्चा की। साथ ही उन्होंने मजदूरों को आज शुरू किए गए रोजगार अभियान के तहत मिलने वाले फायदों से अवगत कराया और कहा कि इसके जरिए प्रवासी श्रमिकों को सशक्त बनाने के लक्ष्य का विवरण दिया। उन्होंने कहा, ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान से आपके इस आत्मसम्मान की सुरक्षा भी होगी और आपके श्रम से आपके गांव का विकास भी होगा। आज आपका ये सेवक और पूरा देश, इसी सोच के साथ, इसी संकल्प के साथ आपके मान और सम्मान के लिए काम कर रहा है।’
    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्क इन सभी ने बहुत बेहतरीन काम किया है और ये सभी वाह-वाही के पात्र हैं। कोई आपकी पीठ थपथपाए या न थपथपाए पर मैं आपका जय जयकार करता रहूंगा। मैं ऐसे ग्राम सेवकों को आदरपूर्वक नमन करता हूं।’
    प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘श्रमेव जयते, आप श्रम की पूजा करने वाले लोग हैं, आपको काम चाहिए, रोजगार चाहिए। इस भावना को सर्वोपरि रखते हुए ही सरकार ने इस योजना को बनाया है, इस योजना को इतने कम समय में लागू किया है।’ मोदी ने कहा, ‘आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज गरीब कल्याण के लिए, उसके रोजगार के लिए एक बहुत बड़ा अभियान शुरू हुआ है। यह अभियान समर्पित है हमारे श्रमिक भाई-बहनों व हमारे गांवों में रहने वाले नौजवानों-बहनों-बेटियों को।’
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस योजना की प्रेरणा मुझे प्रवासी श्रमिकों से ही मिली।’ उन्होंने आगे बताया, ‘लॉकडाउन के दौरान क्वारंटाइन किए गए उज्जैन स्कूल में प्रवासी मजदूरों ने अपनी कुशलता का परिचय दिया और स्कूल की रंगाई पुताई कर आकर्षक बना दिया। बस मुझे लगा कि ये कुछ करने वाले लोग हैं।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘कितना ही टैलेंट इन दिनों वापस अपने गांव लौटा है। देश के हर शहर को गति और प्रगति देने वाला श्रम और हुनर जब खगड़िया जैसे ग्रामीण इलाकों में लगेगा, तो इससे बिहार के विकास को भी कितनी गति मिलेगी। सोचिए, कितने टैलेंट अपने घर वापस लौटे हैं।’
    उन्होंने कहा, ‘हम देश के गांवों को संभालने वालों को आदरपूर्वक नमन करते हैं। देश के मजदूरों को नमन करता हूं। मुझे इस बात की खबर मिली है कि बिहार के पटना में टेस्टिंग के लिए नई मशीन का उपयोग किया जाएगा। इस योजना के जरिए कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान अपने राज्य लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा।’
    हरियाणा में राजमिस्त्री के तौर पर काम करने वाले एक प्रवासी श्रमिक से प्रधानमंत्री ने बात की। इस दौरान पांच राज्यों- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा योजना से संबंध रखने वाले मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री भी इसमें शामिल हुए हैं।

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