राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
चंडीगढ़। देशभर में 21 जून को मृगशिरा नक्षत्र में 6 वक्री ग्रहों के साथ सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। देश में सूर्यग्रहण की डायमंड रिंग और कंगन की तरह चमक दिखाई देगी। जबकि मध्य अफ्रीका, यूरोपीय व हिंद महासागर के देशों में अशांकि सूर्य ग्रहण रहेगा। यह ग्रहण कंकणाकृतक होगा और इसका खंडग्रास भारत में दिखाई देगा। कंकणाकृति होने का अर्थ यह है कि इससे कोरोना का रोग नियंत्रण में आना शुरू हो जाएगा।
आषाढ़ माह की अमावस्या को लगने वाले सूर्य ग्रहण में पहली बार गीता स्थली धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में स्थित एशिया के सबसे बड़े ब्रह्मसरोवर में श्रद्धा की डुबकी नहीं लगेगी। कोरोना फैलाव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने मेला आयोजन नहीं करने का फैसला लिया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहत की बात यह है कि सूर्य्रगहण कोरोना पर विजय अभियान की शुरुआत है। हालांकि मिथुन राशि मंगल के मृगशिरा नक्षत्र में लगने वाले सूर्य ग्रहण के दिन 6 ग्रह वक्री होंगे, जो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ नहीं माने जा रहे हैं। इस दिन उतर भारत के दिल्ली, गुरुग्राम, कांगड़ा और हरिद्वार क्षेत्र में भूकंप, बरसात तथा आसमानी बिजली गिरने सहित प्राकृतिक आपदा से नुकसान की संभावना जताई जा रही है।
21 जून को लगने वाला सूर्यग्रहण पाकिस्तान, चीन, मध्य अफ्रीका के देश, इथोपिया, नॉर्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया, हिंद महासागर और यूरोप के अलग-अलग देशों अशांकि दिखाई देगा, लेकिन देश में सूर्य वलयाकार दिखेगा, जो डॉयमंड रिंग और कंगन की तरह चमकेगा।
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र कुरुक्षेत्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक कि ज्योतिषों के अनुसार 25 साल बाद ऐसी स्थिति बनेगी कि दिन में ही अंधेरा छा जाएगा। यह घटना 24 अक्टूबर 1995 को लगने वाले सूर्य ग्रहण के दौरान घटित हुई थी। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण के चलते दिन में ही अंधेरा छा गया था।
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र कुरुक्षेत्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक बताते हैं कि देशभर में सूर्य ग्रहण का सूतक रविवार को भारतीय मानक समय अनुसार सूर्य ग्रहण का आरंभ 21 जून की सुबह 9 बजकर 15 मिनट से दोपहर 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा, यह वलयाकार सूर्य ग्रहण रहेगा इसका सूतक 20 जून की रात 9 बजे से आरंभ हो जाएगा। ग्रहण का मध्य 12 बजकर 29 मिनट दोपहर पर होगा। इसका मोक्ष दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे की रहेगी। यह अधिकांश भू-मंडल पर दिखाई देगा। इसके बाद मौजूदा वर्ष के अंत में एक और सूर्य ग्रहण होगा। इसके बाद आगामी 5 जुलाई को एक बार फिर से चंद्र ग्रहण लगेगा।
र्स्पश और मोक्ष का समय
ग्रहण का स्पर्श (लगना): सुबह 10.21.3
ग्रहण का मोक्ष (छूटना): दोपहर 01.47-26
ग्रहण का सूतक (छाया): दिनांक 20 जून शनिवार को रात 10.21 से दूसरे दिन दोपहर 01.47 तक।


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