तिरुवनंतपुरम। केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने स्वप्ना सुरेश को जालसाजी के एक मामले में दूसरे आरोपी के रूप में नामित किया है जब वह एयर इंडिया एसएटीएस के साथ काम कर रही थी। यह मामला जाली दस्तावेजों से संबंधित है। तिरुवनंतपुरम की एक अदालत में भी इस पर एक रिपोर्ट दाखिल की गई है। मालूम हो कि स्वप्ना सुरेश केरल सोना तस्करी मामले में भी आरोपी है जिसकी जांच एनआइए कर रही है। मौजूदा वक्त में स्वप्ना सुरेश एनआइए की हिरासत में है।
पूर्व में आई रिपोर्ट के मुताबिक, स्वप्ना सुरेश ने जिस डिग्री के आधार पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में नौकरी हासिल की थी वह भी फर्जी पाई गई है। पुलिस ने आइटी विभाग की शिकायत के आधार पर स्वप्ना और प्राइसवाटर हाउस कूपर्स समेत दो कंपनियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। स्वप्ना को आइटी विभाग बर्खास्त कर चुका है। बताया जाता है कि प्राइसवाटर हाउस कूपर्स और विजन टेक्नालॉजीज पर प्रमाण पत्रों की जांच की जिम्मेदारी थी लेकिन इन्होंने कथित तौर पर अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। उधर केरल सोना तस्करी मामले में विशेष अदालत स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को आठ दिनों की एनआइए हिरासत में भेज चुकी है। दोनों को शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था। उधर, अर्थिक अपराध कोर्ट ने एक अन्य आरोपित केटी रमीस को 14 दिनों के लिए सीमा शुल्क विभाग की हिरासत में भेजा है। उसे रविवार को मलप्पुरम से गिरफ्तार किया गया था। मामले में केरल के बर्खास्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर से सीमा शुल्क विभाग लंबी पूछताछ कर चुका है। मामले को लेकर सरकार भी विपक्ष के निशाने पर है।


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