नई दिल्ली। कंगना रनौत और संजय राउत के बीच पिछले काफी समय से ट्विटर वॉर चल रही है। अब संजय राउत ने कंगना को नॉटी गर्ल बता दिया है। पहले संजय राउत ने कंगना को हरामखोर लड़की कहा था, हालांकि अब उन्होंने इस पर सफाई दी है।
कंगना रनौत ने कुछ दिन पहले चैलेंज दिया था कि वे 9 सितम्बर को मुमी आकर दिखाएंगी। आज उन्हें वाई केटेगरी सुरक्षा, केंद्र ने दे दी है। अब संजय राउत ने कंगना और अपने विवाद के बारे में बताया है कि कंगना को उन्होंने हरामखोर कहा तो उसके पीछे उनका क्या मतलब था। साथ ही उन्होंने कहा कि बेवजह इस बात को विवाद बनाया जा रहा है।
संजय राउत ने कहा- अगर महाराष्ट्र सरकार नहीं दे पाती सुरक्षा तो एक्टर्स मुंबई में इतने अच्छे से काम नहीं कर सकते थे। मुंबई पुलिस की वजह से सब सुरक्षित हैं। एक जमाने में अंडरवर्ल्ड का खतरा था। घमकियां आती थीं। मुंबई पुलिस ने सब साफ कर दिया। एक वक्ती चाहे महिला हो या पुरुष कलाकार, वो पूरी इंडस्ट्री नहीं है। 100 साल के इतिहास में किसी से ऐसी (कंगना जैसी) बात नहीं की है। अगर आपके पास ड्रग्स को लेकर जानकारी है तो आप पुलिस को बताओ। मुंबई पुलिस को बताओ, अपने शहर की पुलिस के पास जाओ। आपके तो रिश्ते भारतीय जनता पार्टी से भी अच्छे हैं तो दिल्ली में जाकर शिकायत करो।
उन्होंने कहा- एक पॉलिटिकल पार्टी मेरे खिलाफ माहौल बनाना चाहती है तो मैं उसका स्वागत करता हूं। पहली स्टेटमेंट की बात है कि कंगना जी कहती हैं कि मैंने उन्हें कहा कि मुंबई मत आइए। मैंने क्यों कहा, यह जानिए- कंगना ने कहा कि मुंबई पुलिस ठीक नहीं है। मुंबई पुलिस के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है। कंगना क्या मुंबई का कोई हो या कोई और हो मुंबई पुलिस पर आप इस तरह का अविश्वास नहीं दिखा सकते। ये मुंबई की बात नहीं है, चाहे कलकत्ता हो, अहमदाबाद हो, सूरत हो, चाहे बैंगलोर हो. मैं पूरे पुलिस के मोरल की बात कर रहा हूं।
पिछले विवादों का उदाहरण देते हुए संजय राउत ने कहा- मुझे मालूम है कि इस मामले में शाहरुख खान की बात आई थी, आमिर खान की पत्नी की बात आई थी, मेरी पार्टी शिव सेना और मैंने स्टैंड लिया। आप अपनी भाषा में कोई माहौल बनाना चाहते हो तो वो अलग बात है। मेरा हरामखोर कहने से वो मतलब नहीं था। हमारे महाराष्ट्र में ‘तू हरामखोर है’ का मतलब है कि नॉटी है। बेईमान है। कंगना दोनों है। मेरे हिसाब से वे नॉटी गर्ल हैं।
उन्होंने आगे कहा- कंगना ने हमें चैलेंज दिया। मुझे पता है चैलेंज क्या होता है। मेरा कहना यह है कि अगर आपको मुंबई पर विश्वास नहीं है तो आप मत ही आओ। मेरी कंगना से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। कंगना 9 सितम्बर को आएगी तो क्या होगा ये मेरी पार्टी तय करेगी, सरकार तय करेगी। आप कहीं भी जा सकती हैं, लेकिन उनका अपमान नहीं कर सकतीं।


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