प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए संसद भवन की रखी आधारशिला

प्रीतिका बच्चन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की आधारशिला आज रखी है। समारोह में टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन टाटा, केंद्रीय मंत्री एचएस पुरी, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश और विभिन्न धार्मिक नेता भी उपस्थित रहे। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को परियोजना के लिए अनुबंध दिया गया है। उम्मीद है कि लोकतंत्र का मंदिर माने जाने वाले संसद भवन की तस्वीर अब बदलने वाली है। आजादी के करीब 75 साल पूरे होने तक यह संसद भवन बनकर तैयार हो जाएगा, जो मौजूदा संसद भवन से अधिक बड़ा, आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं वाला होगा।
नए संसद भवन में आधुनिक तकनीक और जरूरतों का खास ध्यान रखा जा रहा है। अगस्त 2019 में मौजूदा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से नए संसद भवन का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव के मुताबिक नया संसद भवन 64500 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा, जो चार मंजिला होगा और इसका खर्च 971 करोड़ रुपये आएगा। इस संसद भवन को 2022 तक तैयार किया जाएगा।
नए संसद भवन परिसर में सभी सांसदों के लिए दफ्तर बनाया जाएगा, जिसे 2024 तक तैयार किया जाएगा। इसका नक्शा एचसीपी डिजाइन मैनेजमेंट अहमदाबाद ने तैयार किया है और इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया जाएगा। नई बिल्डिंग में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क फैसिलिटी का ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा कुल 1224 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी। इनमें 888 लोकसभा चेंबर में बैठ सकेंगे, जबकि राज्यसभा चेंबर में 384 सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी। भविष्य में अगर सांसदों की संख्या बढ़ती है, तो उसकी जरूरत भी पूरी हो सकेगी।
संसद भवन में देश के हर कोने की तस्वीर दिखाने की कोशिश की जाएगी। सेंट्रल हॉल नहीं होगा बल्कि लोकसभा चेंबर में ही दोनों सदनों के सांसद बैठ सकेंगे। लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्पले आदि होंगे। नया संसद भवन केंद्र सरकार की योजना सेंट्रल विस्टा के तहत बनाया जा रहा है. जिसमें संसद भवन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों का नवीनीकरण किया जाएगा।
मौजूदा बिल्डिंग को एक म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा:
संसद भवन की मौजूदा बिल्डिंग को एक म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा, उसमें काम भी चलता रहेगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने बताया कि पुराने संसद भवन ने देश को बदलते देखा है, ऐसे में वो भविष्य में प्रेरणा देगा। मौजूदा संसद भवन को अंग्रेजों ने बनवाया था, 12 फरवरी 1921 को इसकी नींव रखी गई और 1927 में तैयार हुआ। उस वक्त इस भवन को बनाने में कुल 83 लाख रुपये का खर्च आया था। सर एडवर्ड लुटियंस, सर हॉर्बर्ट बेकर की अगुवाई में संसद भवन की बिल्डिंग तैयार हुई थी, जिसे दुनिया के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखा जाता है।

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